शहर मे तोडफोड़, पिटाई, कमिश्नर कार्यालय का घेराव
होटल, रेस्त्रा, दुकाने बन्द, पुलिस से भी हुई झड़प
नैनीताल। सरोवर नगरी मे 65 साल के बुजुर्ग द्वारा 12 वर्षीय मासूम से रेप के बाद उपजे हालात शांत होने का नाम नही ले रहे हैं। लोग उस्मान के घर को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि नगर पालिका परिषद की ओर से उस्मान को 3 दिन मे अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया है।
बुधवार को सड़कों पर उतरे लोगों को रात किसी तरह से पुलिस प्रशासन ने शांत तो करा दिया, लेकिन गुरुवार को लोग सड़कों पर उतर गए। हिंदूवादी संगठन और आक्रोशित लोग आरोपी के घर की ओर निकल गए। लोगों ने नैनीताल की माल रोड से लेकर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के कार्यालय और कोतवाली समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गुस्साए लोगों ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी आरोपी उस्मान को उनके हवाले करने की मांग कर रहे थे। हजारों की संख्या में लोगों ने होकर माल रोड में जुलूस निकाल कर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के कार्यालय का घेराव किया। साथ ही आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। घटना के विरोध में व्यापारियों ने नैनीताल में होटल और दुकानें बंद कर दी हैं।
12 साल की नाबालिग से 3 महीने से दुष्कर्म करने के मामले के विशेष समुदाय के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर मेडिकल कराए जाने के बाद जेल भेज दिया है। इस दौरान जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी अपना विरोध प्रकट किया। प्रदर्शन को देखते हुए नैनीताल में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में है। वहीं घटना के बाद से प्रदर्शनकारी लगातार आरोपी के घर पहुंच कर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान प्रदर्शनकारियों की कई बार पुलिस के साथ झड़प भी हुई। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और अफसोसजनक है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने लोगों से शांति, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
गौरतलब है कि बुधवार को मासूम अपनी मां के साथ कोतवाली पहुंची और रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस ने नाबालिग को मेडिकल के लिए बीडी पाण्डे अस्पताल भेजा दिया। इस मामले में तनाव बढ़ता देख मौके पर प्रशासन की तरफ से अधिकारी अस्पताल के बाद कोतवाली पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। इस घटना के बाद नैनीताल में आक्रोश पैदा हो गया। आरोपी उस्मान एक ठेकेदार बताया जा रहा है। यह मामला सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा ऐसा फूटा कि लोगों ने बाजार में हर तरफ तोड़फोड़ की। साथ ही कई घरों पर ईंट-पत्थर फेंके। रातभर पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रही।
