कोटद्वार। जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक डाडामंडी का “गिंदी मेला ” मेला इस बार भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा।
मेले का शुभारंभ विधान सभा अध्यक्ष और विधायक कोटद्वार ऋतु भूषण खंडूरी ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मेले को राजकीय मेला घोषित किया है। मेले का ऐतिहासिक स्वरूप भी है और इस क्षेत्र को विकसित किया जायेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुलाश्री ने कहा कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। मेले के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मेला अजमीर पट्टी और उदयपुर पट्टी के बीच हुए ऐतिहासिक संघर्ष की स्मृति में आयोजित होता है, जिसमें नाली गांव की गिंदोरी नामक महिला की दुखद कहानी जुड़ी है। गेंद मेले के दौरान दोनों पट्टियों के लोग प्रतीकात्मक संघर्ष में गेंद को जीतने का प्रयास करते हैं, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि मेले को संरक्षित करने और इसे पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए जल्द ही शासन स्तर पर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस सांस्कृतिक आयोजन को भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक धरोहर के रूप में संजोने की आवश्यकता है। साथ ही, यमकेश्वर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इस बार गेंद मिले मेले मे लंगूर पट्टी और भटपुटी के मध्य मुकाबले मे लंगूर विजेता बनी।
