सेलाकुई मे वृद्ध महिला की हत्या का खुलासा, राजमिस्त्री गिरफ्तार – News Debate

सेलाकुई मे वृद्ध महिला की हत्या का खुलासा, राजमिस्त्री गिरफ्तार

देहरादून।  पुलिस ने सेलाकुई क्षेत्रान्तर्गत हुई वृद्ध महिला की हत्या का किया खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने रुपयो के लालच मे वृद्ध की हत्या की। आरोपी पूर्व मे पूर्व में हत्या के आरोप में जेल जा चुका है।

10 जुलाई को शाम को पुलिस को सूचना मिली कि सेलाकुई थापा गली मे एक कमरे मे एक वृद्द महिला चित अवस्था मे पडी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचे तो मौके पर एक वृद्द महिला श्रीमती शिमला देवी पत्नी रामस्वरूप उम्र 75 वर्ष मूल निवासी ग्राम रामपुर मनिहारान थाना रामपुर मनिहारान, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश बिस्तर पर चित अवस्था में पड़ी हुई थी। कुछ समय पश्चात मृतका का पुत्र प्रदीप भी मौके पर पहुंचा। मृतका के परिजनों की मौजूदगी में महिला पुलिसकर्मी द्वारा मृतका के शव का निरीक्षण कराया गया तो  महिला के गले पर हल्के काले धब्बे दिखाई दिए, जिस पर थानाध्यक्ष सेलाकुई द्वारा फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया, लेकिन मृतका के कमरे से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। घटनास्थल की  वीडियोग्राफी/ फोटोग्राफी करते हुए मृतका के शव को कब्जे पुलिस लेकर पंचायतनामा की कार्यवाही की गई और शव को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी विकासनगर भिजवाया गया।  शिमला देवी अपने पुत्र प्रदीप व अन्य परिजनों के साथ थापा गली में किराये के मकान में रहती थी तथा विगत 3 माह से थापा गली में ही उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण वह अपने निर्माणाधीन मकान के सामने प्रहलाद के मकान में किराए में रह रहे थे। कुछ दिन पूर्व मृतका के बडे पुत्र की सिंहनीवाला सहसपुर में नदी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी, जिस कारण उनका छोटा पुत्र प्रदीप विगत 3-4 दिनों से देहरादून में ब्राहमणवाला स्थित अपने बडे भाई के घर पर रह रहा था। 10 जुन को दिन के समय 2-3 बजे के बीच उसके द्वारा अपनी माता से वार्ता करने के लिये अपने पड़ोसी किरायेदारों को फोन कर बात कराने के लिए कहा गया तो पड़ोसियों ने जाकर देखा कि श्रीमती शिमला देवी अपने बिस्तर पर चित्त पड़ी हुई थी तथा इसकी सूचना पड़ोसियों द्वारा प्रदीप को दी गई, जिसने देहरादून से ही पुलिस को घटना की सूचना दी और सेलाकुई के लिए चल दिया। संदिग्ध प्रतीत होने पर मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। 11जुलाई को  प्रदीप द्वारा थाना सेलाकुई में आकर तहरीर दी गयी कि दिनाँक 11-07-22 को उसके द्वारा तस्सली से पूरे कमरे में खोजबीन की गयी तो देखा कि कमरे के अन्दर रखे बक्से में से 2500/- रुपये गायब थे तथा उक्त बक्से में एक तरफ के कुण्डे में पूर्व की भांति ही ताला लगा हुआ था। जिस पर उसके द्वारा अपने निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मिस्त्री इरफान पर शक जाहिर करते हुए बताया कि, इरफान को पता था कि मैं  बक्से में रूपये रखता था तथा पूर्व में भी मेरे द्वारा इरफान के सामने उक्त बक्से में से पैसे निकालकर उसकी मजदूरी का भुगतान किया गया था तथा इरफान जानता था कि  बक्से में एक तरफ के कुण्डे में ताला लगा होने के बावजूद भी दूसरी तरफ से बक्से के ढक्कन को ऊपर उठाकर बिना ताला खोले ही उसमें से पैसे निकाले जा सकते हैं। प्रदीप ने शक जताया कि इन रुपयों के लालच में ही इरफान ने माँ की हत्या कर दी है।

इस दौरान पड़ताल मे जुटी पुलिस को मुखबिर  से सूचना मिली कि सेलाकुई क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की हत्या में नामजद आरोपी इरफान को कुछ समय पहले रामपुर के पास आसन नदी के किनारे देखा गया है, जो सम्भवतः नदी के किनारे छिपते छुपाते देहरादून से बाहर भागने की फिराक में है। पुलिस से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया है तथा दाढ़ी- मूछ कटवा दी है, जिससे कोई उसे पहचान न सके। जिस पर पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर बताये गये स्थान के पास सिंहनीवाला पुल पर पहुंचे तो मुखबिर ने सामने से आ रहे एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ही इरफान है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पकड लिया, जिसने पूछताछ में अपना नाम इरफान पुत्र सलीम निवासी धौलाकुआं गांव, खुर्रमपुर, थाना बेहट जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी बलरामपुर, थाना सहसपुर देहरादून बताया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से घटना में चोरी की गयी नगदी बरामद हुई। अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया गया, जिसे समय से मां0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

पूछताछ में इरफान ने बताया गया कि मैं अपने गांव बेहट में मजदूरी का काम करता था, परन्तु वहां कोई खास आमदनी न होने के कारण मैं काम की तलाश में लगभग 04 वर्ष पूर्व देहरादून आ गया। शुरूआत में मैने मेहूवाला में रहकर मजदूरी का काम किया तथा कुछ समय पूर्व काम के सिलसिले में सेलाकुई में आकर रहने लगा। इसी दौरान मेरी मुलाकात प्रदीप पाल, जो देहरादून में विक्रम चलाने का काम किया करता है, से हुई तथा सेलाकुई में प्रदीप के घर मेरा अक्सर आना जाना हो गया। प्रदीप ने मुझे बताया था कि उसका बडा भाई राजकुमार प्रापर्टी का काम करता है तथा अपने परिवार के साथ ब्राहमणवाला देहरादून में रहता है। इस दौरान मैं कई बार रात के समय प्रदीप के घर पर भी रूका। इस बीच प्रदीप ने सेलाकुई अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू दिया, जहां पर मैं राजमिस्त्री का काम करने लगा। प्रदीप अक्सर मेरे सामने ही अपने कमरे में रखे बक्से से पैसे निकालकर निर्माण सामग्री तथा हमारी मजदूरी के पैसों का भुगतान किया करता था। पिछले कुछ समय से बारिश के कारण मकान का निर्माण कार्य बन्द था तथा अन्य स्थानों पर मजदूरी का काम न मिलने से मेरी आर्थिक स्थिति खराब चल रही थी। इसी बीच प्रदीप किसी काम से 03-04 दिनों के लिये देहरादून चला गया।

09 जुलाई को मैने सेलाकुई देसी शराब के ठेके पर शराब पी तथा उसके बाद रात में मैं प्रदीप के घर चला गया। रात में काफी देर तक प्रदीप की मां से बात करने के बाद मैं वहीं पास में ही पडी चारपाई पर लेट गया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मेरे मन में लालच आ गया और रात के समय मैने प्रदीप की मां का गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। बक्से की चाबी मुझे मृतका शिमला देवी के पास ही मिल गयी थी, जिससें मैने बक्से को खोला। मुझे उम्मीद थी की प्रदीप का घर बन रहा है तो बक्से के अन्दर काफी पैसे मिलेंगे लेकिन उसमें मुझे मात्र 2500/- रूपये ही मिले। इसके अलावा बक्से में और कुछ भी कीमती सामान नहीं था। जिसके बाद मैं वहां से चला गया और रात भर पुलिस के डर से एक बगीचे में छुपा रहा। अगले दिन मुझे जानकारी हुई कि पुलिस मुझे तलाश कर रही है तो मैं दिन भर उसी बगीचे में छुपा रहा तथा आज बगीचे से छुपते-छुपाते नदी के किनारे-किनारे मुख्य मार्ग पर आकर बस पकडकर भागने की फिराक में था, पर उससे पहले ही पुलिस ने मुझे पकड लिया।
अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्त वर्ष-2008 में थाना बेहट जिला सहारनपुर से हत्या के आरोप में जेल जा चुका है।

 

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