देहरादून। कांग्रेस मे सभासद के दावेदारों ने टिकट कटने पर जमकर हंगामा काटा और पार्टी नेतृत्व पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। हंगामे के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरगर्मी बढ़ गयी। कांग्रेस ने हंगामा कर रहे तीन लोगों को पार्टी से निष्काषित कर दिया।
हंगामा रविवार रात राजपुर रोड स्थित एक होटल में हुआ जहाँ पार्षद टिकट के दावेदारों ने पार्टी नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुबह दून के पार्षद टिकट की सूची में उनका नाम था। लेकिन बाद में सिंबल देने से इंकार किया जा रहा है। उन्होंने महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर गोगी पर सीधे तौर पर निशाना साधा।
बाद मे वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आक्रोशित कार्यकर्ताओ से वार्ता कर उन्हें शांत किया। दूसरी ओर महानगर कांग्रेस की ओर से अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए महानगर अध्यक्ष जसबिंदर सिंह गोगी ने नेमीचन्द सूर्यवंशी, अजय रावत एवं करण कनौजिया की पार्टी विरोधी गतिविधियों मे तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छः वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया।
भाजपा का तंज, कांग्रेस पर टिकट बेचने के आरोप पुराने रिकार्ड की पुनरावृत्ति
कांग्रेस मे टिकट बेचने के आरोप पर भाजपा तंज कसते हुए आरोपों को उसके पुराने रिकार्ड की पुनरवृत्ति बताया और कहा कि कार्यकर्ताओ की घोर उपेक्षा करने वाली पार्टी के लिए इसमें कुछ नया नही है। उन्होंने पीड़ित कांग्रेसियों से सहानुभूति जताते हुए तंज किया कि कांग्रेस नेतृत्व को हार का अंदाजा है, इसीलिए सब गड़बड़झाला हो रहा है।
सोशल मीडिया में वायरल कांग्रेसी दावेदारों के वीडियो को पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक करार हुए कहा कि यह कांग्रेस का यह काला सच है जो हर चुनाव में आम हो गया है। यही वजह है कि कांग्रेस हार का रिकॉर्ड बनाते हुए रसातल में जा रही है। लगातार कार्यकर्ताओ की उपेक्षा के चलते कांग्रेस का जो हस्र हुआ है कांग्रेस नेतृत्व और उनके गैरजिम्मेदार नेताओं ने इससे कोई सबक नहीं लिया है। यही वजह है सत्ता में रहते देश बेचने की आदत, अपनी पार्टी में भी टिकट बेचने की लत के रूप जारी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जानती है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के कामों से जनता बेहद खुश है और कांग्रेस प्रत्याशियों का जीतना दूर दूर तक संभव नही है। ऐसे में जिस तरह टिकट बेचने के आरोप सामने आ रहे हैं उससे तो यही लगता है कि निकाय चुनाव उम्मीदवारों के चयन पर बड़ा गड़बड़झाला किया जा रहा है।
चौहान ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है, लेकिन राजनैतिक शुचिता के लिए इस तरह की घटनाएं उचित नहीं ठहराई जा सकती हैं। साथ ही तंज किया कि जो देश विदेश में संविधान समाप्त होने का झूठ फैलाते हैं वही अपनी पार्टी में लोकतंत्र का खून करने के आरोपों से घिरे हैं। भाजपा और जनता कांग्रेस नेतृत्व की सच्चाई को पहचानती है और अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी अहसास होने लगा है। उन्होंने पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सहानुभूति जताते हुए कहा कि नकारात्मक और फर्जीवाड़े की राजनीति करने वालों को चुनावों में फिर सबक सिखाने का समय आ गया है।

