किराये पर कमरा देखने के लिये पहले बुजुर्ग व्यक्ति के घर गये थे आरोपी
बुजुर्ग को डराकर उनसे पैसा लेने के मंसूबे से घर में घुसे थे शातिर
बुजुर्ग व्यक्ति के पास पैसा न मिलने तथा पहचाने जाने के डर से दिया था घटना को अंजाम
घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून द्वारा 25000 के पुरुस्कार की घोषणा
देहरादून। पुलिस ने 9 दिसंबर को थाना बसंत विहार के अंतर्गत अलकनंदा एंनक्लेव मे घर के भीतर बुजुर्ग की हत्या के मामले मे फू आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लूटपाट के लिए गए आरोपियों ने पैसे न मिलने के बाद पहचाने जाने के डर से बुजुर्ग की हत्या कर दी थी।
75 वर्षीय अशोक कुमार गर्ग की हत्या का खुलासा पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी। जांच के दौरान मौके पर आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ में बुजुर्ग व्यक्ति के चिल्लाने के साथ साथ कुछ व्यक्तियों द्वारा उनसे पासवर्ड पूछे जाने की बात भी सामने आयी परन्तु घटना स्थल पर जबरन प्रवेश तथा लूटपाट का कोई भी प्रयास सामने नही आया। रात्रि का वक्त होने तथा घर में कोई सीसीटीवी कैमरा न लगा होने के कारण भी पुलिस को घटना के सम्बन्ध में कोई खास जानकारी प्राप्त नहीं हो पायी।घटना के सम्बन्ध में मृतक के भाई आदेश कुमार गर्ग द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर थाना बसंन्त बिहार में मु0अ0सं0-239/24, धारा-103 (1) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की आठ अलग-अलग टीमें गठित की गयी। गठित टीमों द्वारा घटना स्थल व आसपास के क्षेत्र में आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुये सर्विलान्स के माध्यम से भी घटना के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी। सीसीटीवी फुटेजों के अवलोकन से घटना के बाद 02 संदिग्ध व्यक्ति घटना स्थल से पीछे सतोवाली घाटी से गांधी ग्राम तथा जीएमएस रोड़ पर जाते हुये दिखाई दिये, किंतु रात्रि का समय होने के कारण किसी भी फुटेज में आरोपियों का हुलिया स्पष्ट नहीं दिखाई दिया। फुटेजों से मात्र आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने हुये कपड़ों की पहचान हो सकी।
जीएमएस रोड़ पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक करने पर दोनो आरोपी वहां से एक लाल रंग के ई रिक्शा में बैठकर मिलन बिहार कट तक जाते हुये दिखे, जहां मिलन बिहार कट के पास अभियुक्त उक्त ई रिक्शा से उतरे। पुलिस द्वारा मिलन बिहार कट के आस- पास दो से तीन किलोमीटर के दायरे में लगे लगभग 100-150 सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन किया गया।
लाल रंग के ई रिक्शा की तलाश हेतु दो अलग अलग टीमों का गठन किया गया गठित टीमों द्वारा जीएमएस रोड़ आईएसबीटी व उसके आस पास वाले मार्गों पर चलने वाले लगभग 400-500 लाल रंग के ई रिक्शा चालकों का सत्यापन किया गया। पूछताछ के दौरान एक ई रिक्शा चालक द्वारा बताया गया कि घटना की रात्रि उसके द्वारा दो व्यक्तियों को जीएमएस रोड़ से मिलन बिहार कट तक छोड़ा गया था तथा यह बात उसे इसलिये याद है क्योकि उक्त दोनों व्यक्तियों द्वारा उसे निर्धारित किराया न देकर केवल पांच रूपये दिये गये थे। इस दौरान अन्दर गली में एक स्कूटी भी खड़ी थी पर उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि उक्त स्कूटी उन व्यक्तियों की थी अथवा नहीं।
जिस पर पुलिस टीम द्वारा मिलन बिहार कट के आस पास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध दो पहिया वाहन स्कूटी की तलाश की गयी। इस दौरान पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों के हुलिये से मिलते जुलते 03-04 स्कूटी सवार व्यक्तियों की फुटेज प्राप्त हुयी। सीसीटीवी फुटेज में स्कूटी का नम्बर स्पष्ट न होने तथा स्कूटी के स्थानीय नम्बर यूके 07 सिरीज के होने पर पुलिस ने स्कूटी के मॉडल की जानकारी करने हेतु पुलिस टीम को शो- रूम्स में जाकर उक्त सिरीज, मॉडल तथा रंग की गाड़ियों की संख्या के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। पुलिस टीम को वाहन शो रूम से लगभग 125 स्कूटियों के उक्त सिरीज में पंजीकृत होने की जानकारी मिली, जिस पर उक्त सभी संदिग्ध स्कूटी नम्बरों की जानकारी लेते हुये टीम द्वारा उनके सत्यापन की कार्यवाही की गयी तो घटना के समय उनमें से एक वाहन स्वामी की लोकेशन घटना स्थल व उसके आस पास के क्षेत्र में होने की पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर उक्त स्कूटी को संदिग्ध मानकर टीम द्वारा उक्त एरिया में सर्च अभियान चलाया गया तो संदिग्ध स्कूटी इन्द्रानगर क्षेत्र में मॉउण्ट फोर्ड एकेडमी के पास एक पार्क में खड़ी दिखाई दी जिसके आसपास काफी संख्या में आवासीय फ्लैट बने हुये थे।
देर रात्रि नगर क्षेत्र के समस्त थाना प्रभारियों ने क्षेत्र की मैपिंग करते हुये अलग अलग टीमों का गठन कर कर उन्हें बाहर निकलने के सभी रास्तों, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली। स्थानीय मुखबिर के माध्यम से उक्त फ्लैटों में किराये पर रह रहे युवाओं के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी। पूरे इलाके की मैपिग तथा जानकारियाँ एकत्रित करने के उपरान्त अलग अलग टीमों द्वारा उक्त आवासीय कॉलोनी में स्थित फ्लैटों में आकस्मिक रूप से चैकिंग अभियान चलाते हुये कॉलोनी के एक फ्लैट से संदिग्धों के हुलिये से मिलते जुलते दो युवक नवीन कुमार चौधरी तथा अनन्त जैन को हिरासत में लिया गया। जिनकी तलाशी में पुलिस टीम को आरोपियों के पास से मृतक का पर्स, 1500 रूपये नगद, मृतक का एटीएम कार्ड, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बरामद हुये।
हत्या से पहले बुजुर्ग ने आरोपियों को पिलाई चाय
दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या करना तथा पुलिस को गुमराह करने के लिये हत्या के समय पहने कपड़ों तथा घटना में प्रयुक्त पेपर कटर को अनयत्र स्थान पर एक सूखे नाले में फैकना बताया गया।
पूछताछ में नवीन कुमार द्वारा बताया गया कि वह पेस्ट कन्ट्रोल का कार्य करता है। उसकी पत्नी गर्भवती है, जिस कारण वह भू तल पर किराये का कमरा ढ़ूढ रहा था। इस सम्बन्ध में उसके द्वारा अपने दोस्त अनन्त कुमार, जो फाइनेन्स पर लोन दिलवाने का कार्य करता है, को बताया गया था। अनन्त कुमार अलकनन्दा एनक्लेव में किराये पर रहता था। उसके द्वारा बताया गया कि उसकी कॉलोनी में एक बुजुर्ग व्यक्ति के मकान में भू तल पर कमरा खाली है। 9 दिसंबर को दोपहर के समय आरोपी अपने साथी अनन्त के साथ पैदल मृतक अशोक गर्ग के घर कमरा देखने गया था जहां मृतक अशोक गर्ग द्वारा उन्हें बताया गया कि उनके पास भूतल में कमरा खाली है पर वह केवल परिवार वालों को ही कमरा किराये पर देते है। जिस पर आरोपी द्वारा उन्हें शाम को आकर अपने परिजनों से बात करवाकर एडवान्स में किराया देने की बात कही गयी थी।
दोनों अभियुक्त आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे, इसलिये उनके द्वारा मृतक अशोक गर्ग को डरा धमकाकर उनसे पैसे लेने की योजना बनायी। शाम के समय दोनों अभियुक्त मृतक अशोक गर्ग के घर कमरा देखने के लिये गये। इस दौरान मृतक द्वारा दोनों आरोपियों के लिये चाय बनायी। बातचीत के दौरान दोनों आरोपियों को टेबल पर पड़ी मृतक की पासबुक से उसके खातों में काफी पैसा होने की जानकारी मिली। जिस पर दोनों आरोपियों मृतक को कमरा दिखाने के बहाने घर के पिछले हिस्से में ले गये जहाँ उनके द्वारा मृतक अशोक गर्ग को अपने पास रखे पेपर कटर से डराकर पैसों की मांग की। मृतक द्वारा दोनों को अपना पर्स देते हुये बताया कि वह अपने पास नगद पैसा नहीं रखता है तथा सारा ट्राजेक्शन ऑनलाईन करता है, जिस पर अभियुक्तों द्वारा मृतक से उसके एटीएम का पिन बताने का दबाव बनाया गया। उसके द्वारा आनाकानी करने पर उसे डराने के उदेश्य से अपने पास रखे पेपर कटर से उसके सीने पर वार कर दिया पर घाव गहरा लगने के कारण मृतक का खून बहने लगा तथा वह चिल्लाने लगा। इस बीच आसपास के लोगों के गेट पर आ जाने तथा आवाज लगाने पर दोनों आरोपियों डर गये तथा मृतक पर वार कर मौके से फरार हो गये। घटना के बाद रात्रि में दोनों आरोपी अपने घर गये तथा पुलिस को गुमराह करने के उदेश्य से अगले दिन घटना के समय पहने हुये कपड़े तथा घटना में प्रयुक्त पेपर कटर को अनयत्र स्थान पर फैक दिया।
गिरफ्तार आरोपी
नवीन कुमार चौधरी पुत्र चरण सिंह निवासी खेड़ी थाना दौराला जिला मेरठ उ0प्र0 उम्र-36 वर्ष। हाल पता माउण्ट फोर्ड एकेडमी के पास इन्द्रानगर बसन्त बिहार। *(स्कूटी स्वामी)*
अनन्त जैन पुत्र श्रवण कुमार जेन निवासी बड़े मन्दिर के पास जैन मौहल्ला बड़ोत थाना बड़ोत जिला बागपत उ0प्र0 उम्र-29 वर्ष। हाल पता मकान न0-75 अलकनन्दा एनक्लेव जीएमएस रोड़ देहरादून।
बरामद माल
1- मृतक का पर्स
2- मृतक का एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पेन कार्ड, नगदी 1500 रूपये
3- अभियुक्त की स्कूटी यू0के0 07 डी आर 1520 जूपीटर
घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा 25000/- ₹ के पुरुस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है।
पुलिस टीमः-
1- उ0नि0 प्रदीप सिंह रावत, थानाध्यक्ष बसन्त बिहार
2- उ0नि0 दुर्गेश कोठियाल
3- उ0नि0 पंकज महिपाल
4- उ0नि0 धनीराम पुरोहित
5- उ०नि० आशिष रावत
6- अ0उ0नि0 विनय भट्ट
7- हे0का0 दीपप्रकाश
8- का0 शार्दल टम्टा
9- का0 अनुज
10.- का0 अनिल कुमार
11- का0 रविन्द्र टम्टा
12- का0 बृजेश
13- का0 विनोद
14- का0 त्रेपन सिंह
15- का0 बृजपाल
16- का0 विजय
एसओजी टीमः-
1- नि० शंकर सिंह बिष्ट, प्रभारी एसओजी
2- उ0नि0 कुन्दन राम
3- उ0नि0 विनोद राणा
4- उ0नि0 सन्दीप कुमार
5- हे०का० किरण कुमार
6- का0 आशीष शर्मा
7- का0 ललित
8- का0 पंकज
9- का0 लोकेन्द्र
10- का0 नरेन्द्र
11- का0 विपिन राणा
12- का० नवनीत नेगी
13- जितेंद्र कुमार