देहरादून। दुर्लभ से लेकर सामान्य वन्य जीव पक्षियों के सरंक्षण के दावे भले वन विभाग के कितने हो, लेकिन दर्शनलाल चौक के चौराहे पर एक तड़पते बाज के लिए रक्षकों के पास घनघनाती घंटियों के लिए न समय रहा और न ही संवेदना।
दर्शन लाल चौक के निकट निर्माणाधीन एक कंप्लेक्स मे आजकल विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए विद्युत पोल चर्चा मे है। बिल्डिंग की लिफ्ट और पोल आधा मीटर की दूरी पर है और इससे स्वच्छंद रूप से आसमान की दूरी नापते पक्षी अक्सर दुर्घटना के जाल मे फंस रहे हैं।
आज शाम को एक दुर्लभ चील भी उड़ान भरते हुए जोर के धमाके के साथ जमीन पर गिर गया।
सूचना पर पर्यावरण प्रेमी मोहन सिंह नेगी और अन्य सहयोगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल दुर्लभ तड़पते चील को रेस्क्यू करने के लिए विभागीय अधिकारियों के फोन घनघनाये, लेकिन अधिकतर बन्द या रेंज से बाहर मिले। पुलिस सूचना पर आखिरकार वह वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर को मदद को बुलाने मे सफल रहे, लेकिन तब तक चील दम तोड़ चुका था। वन कर्मियों ने चील के शव को बरामद किया, लेकिन हादसे की वजह को लेकर कोई प्रतिक्रिया नही दी।
पक्षी प्रेमी और समाजसेवी मोहन सिंह नेगी ने बताया कि इस निर्माणाधीन स्थल पर पक्षियों की रोज मौत हो रही है। कारण यह विद्युत विभाग द्वारा मानकों के विपरीत विद्युत ट्रांसफ़ार्मर लगाया गया है। हालांकि यह कामालेक्स के लिफ्ट के ट्रांसफ़ार्मर नजदीक है और भविष्य मे लिफ्ट मे भी दुर्घटनाओं के लिए कारक बन सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने विद्युत विभाग को इस बारे मे जानकारी दी है और सहायक अभियंता ने उन्हे लाइन के मानकों के अनुरूप कार्यवाही का अश्वाशन दिया है।
बहरहाल पर्यावरण और जीवन रक्षा का दावा करने वाले विद्युत विभाग ने शनिवार को स्थलीय निरक्षण का अश्वासन दिया है। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम सिंह दानू, जसबंत सिंह जंगपांगी, ललित ओझा, राजेंद्र बिष्ट सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद थे।