देहरादून। चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को पद से हटाये जाने के बाद भाजपा और कांग्रेस मे आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार बदले की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 के जिन आरोपों के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रजनी भंडारी को पद से हटाया गया था उस पर पूर्व में दो बार चमोली जिलाधिकारी द्वारा की गई जांच में कोई भी वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई। बदले की भावना हाईकोर्ट में पराजित हो गई, लेकिन अब पुनः सरकार ने चमोली जिला पंचायत निर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती रजनी भंडारी को राजनीतिक द्वेष भावना से ग्रसित होकर अनियमिताओं का आरोप लगाकर अध्यक्ष पद से हटा दिया है।
मुख्यमंत्री को अपनी सरकार के इस निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए। बदले की भावना, सरकार और राज्य के लिए उचित नहीं है। एक बार फिर न्यायालय की शरण में जाकर इस अनुचित कार्यवाही के ख़िलाफ़ न्याय की गुहार करेंगे। कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतंत्र को नष्ट करने की भाजपा की इस द्वेषपूर्ण कार्यवाही में मज़बूती से उनके साथ रहेगा।
धार्मिक यात्राओं में भी भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्यवाही जरूरी : चौहान
दूसरी और भाजपा ने इसे कानून सम्मत और भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का कड़ा प्रहार बताया है। साथ ही कहा कि नंदा राजजात जैसी धार्मिक यात्राओं के प्रबंधन में घोटालों के दोषियों को सजा मिलनी ही चाहिए ।
पार्टी मुख्यालय मे पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि जिन्होंने भगवान से जुड़ी नंदा राजजात यात्रा के प्रबंधन में भी भ्रष्टाचार को प्रश्रय दिया हो उन पर कार्यवाही होना जरूरी है । पूर्व मे हुई जांच में यह उजागर हुआ था कि किस तरह इस धार्मिक यात्रा से जुड़े कार्यों में नियम विरुद्ध अधिक बोली लगाने वाले अपने चहेतों को तत्कालीन ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रजनी भंडारी ने ठेके आबंटित किये। साथ ही समिति की अनुशंसा के विपरीत अपनी सुविधा से यात्रा मार्ग पर निर्माण करवाए गए । जिलाधिकारी स्तर की इस जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें जनवरी में शासन द्वारा पद से हटाया गया था । और जाँच उच्च न्यायालय के आदेश पर ही की गई है ।
हालांकि नैनीताल हाईकोर्ट ने फरवरी में इस आदेश पर रोक लगाई थी, लेकिन दोषमुक्त नहीं किया था । इस तकनीकी आपत्ति को दूर करते हुए शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त ने आरोपी श्रीमती भंडारी को जुलाई और अगस्त में दो बार अपने पक्ष में तथ्य रखने का मौका दिया था । उनके पक्ष को अनंतिम रूप से सुनने के बाद भी इस पूरे प्रकरण में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है । यही वजह है कि पंचायती राज नियमावली का पालन करते हुए कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष को हटाया गया है ।
चौहान ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाला बताते हुए कटाक्ष किया कि उनके नेता ऐसे गलत काम ही क्यों करते हैं कि हटाने की नौबत आये।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है । जिसके तहत किसी भी तरह के गड़बड़ी घोटालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होना तय है । एक के बाद एक भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेसियों के मामले ही सामने आते हैं क्योंकि वह भ्रष्टाचार को प्रश्रय देने मे अग्रणी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने नेताओं से उनकी संलिप्ता को लेकर सवाल पूछना चाहिए । जनता ने करपशन फ्री उत्तराखंड के लिए भाजपा को वोट दिया था और हमारी सरकार इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है ।
