सिलक्यारा के सफल रेस्क्यू अभियान मे धामी ने खेली सूझ भरी पारी
देहरादून। सिलक्यारा की सुरंग से सभी 41 श्रमिक 400 घण्टे और 16 स्याह रातों के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग जीत गए। सिलक्यारा की सुरंग ने देश सहित दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। शायद देश मे यह पहली ऐसी घटना थी। देश के विभिन्न महकमों के विशेषज्ञ इस रेस्क्यू आपरेशन के हिस्सा बने तो विदेशी विशेषज्ञों ने भी हाथ आजमाए।
राजनैतिक इच्छा शक्ति भी इस दौरान खूब देखने को मिली। उतराखंड के मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिलक्यारा को ही कर्म क्षेत्र बना दिया। मातली से अस्थायी कैंप कार्यालय संचालित किया और पूरे रेस्क्यू आपरेशन को संचालित करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय और गडकरी को अपडेट देते रहे। नतीजा यह रहा कि जिस मशीन और मानव संसाधन की जरूरत पड़ी केंद्र की और से मुहैया करायी गयी। सिलक्यारा सुरंग मे देश विदेश से अत्याधुनिक मशीनें प्रयोग मे लाई गयी और एक निश्चित समय मे दिन रात जुटकर कार्य को अंजाम दिया गया।
धामी घटना के पहले दिन से ही टनल मे चल रही गतिविधियों को लेकर सक्रिय रहे। विशेषज्ञों के साथ चर्चा कर कई प्लान विकल्प के तौर पर आजमाए गए। हालांकि इस दौरान वह टनल मे फंसे श्रमिकों के साथ वार्ता करने और परिजनों को ढांडस बंधाने के लिए अधिकतर उपलब्ध रहे। वहीं सुरंग मे रह रहे लोगों की मनोस्थिति को भांप कर उन्हें मनोचिकित्सक की सेवाएं देने पर जोर दिया। इसका लाभ अंदर फंसे श्रमिकों को भी मिला। यह सुखद रहा कि अंदर रहने वाले सभी श्रमिक जब बाहर निकले तो सभी स्वस्थ थे।
यह संयोग ही माना जायेगा कि धामी अब तक राज्य मे आयी कई आपदाओं से दो चार हो चुके हैं। इसमे जोशीमठ की आपदा हो या हरिद्वार अथवा अन्य के मामले मे उनकी सूझ बेहतर तौर पर देखी गयी। निवेश जुटाने के लिए चाहे देश विदेश जाने की कवायद हो या सिलक्यारा सुरंग मे सफल रेस्क्यू धामी ने खुद को साबित किया है। कहा जाता है कि चुनौती भी उन्ही के हिस्से मे आती है को उनसे निपटने का हुनर जानते है और अब तक धामी इसमे बीस साबित हुए है।
पीएम ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलक्यारा में 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाले जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन कर शुभकामनाएं दी। प्रधानमंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के बारे में मुख्यमंत्री से जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री से जाना कि सुरंग से निकालने के बाद श्रमिकों के स्वास्थ्य देखभाल, घर छोड़ने व परिजनों आदि के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि सभी श्रमिकों को सुरंग से निकलने के बाद सीधे चिन्यालीसौड़ स्थित अस्पताल ले जाया गया है। जहां उनकी जरूरी स्वास्थ्य जांच आदि की जाएगी। उन्होंने अवगत कराया कि श्रमिकों के परिजनों को भी फिलहाल चिन्यालीसौड़ ले जाया गया जहां से उनकी सुविधा के अनुसार राज्य सरकार उनको घर छोड़ने की पूरी व्यवस्था करेगी।