नशे में धुत युवती का मॉल रोड पर हाईवोल्टेज ड्रामा

देहरादून: पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार देर रात शराब के नशे में धुत एक युवती ने मॉल रोड से लेकर लाइब्रेरी पुलिस चैकी तक जमकर हंगामा किया। युवती ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और मौजूद लोगों के सामने अपने साथ आये युवक को चप्पल दिखाकर भी हंगामा किया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि सार्वजनिक स्थान पर अशांति फैलाने और पुलिस के साथ अभद्रता करने के बावजूद युवती के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब तीन बजे दो युवक और दो युवतियां मॉल रोड पर घूम रहे थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक युवती ने अत्यधिक शराब का सेवन कर लिया था, जिसके कारण वह अपने साथ मौजूद युवकों के नियंत्रण से बाहर हो गई। स्थिति बिगड़ने पर युवकों ने स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को लाइब्रेरी पुलिस चैकी ले आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चैकी पहुंचने के बाद भी युवती का हंगामा नहीं रुका। उसने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और काफी देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
बताया जा रहा है कि काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने युवती को शांत कराया और बाद में उसे उसके घर भेज दिया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में हंगामा हो, अश्लील एवं अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाए और पुलिस के साथ भी दुर्व्यवहार किया जाए, तो क्या केवल समझाकर छोड़ देना पर्याप्त कार्रवाई है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसी हरकत कोई आम व्यक्ति करता तो उसके खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने, नशे की हालत में उपद्रव करने और पुलिस कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी धाराओं में कार्रवाई हो सकती थी। ऐसे में इस मामले में पुलिस का नरम रुख चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि पुलिस के सामने गाली-गलौज, अभद्रता और सार्वजनिक अशांति फैलाने जैसी घटनाओं के बावजूद यदि कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, तो इससे कानून के समान अनुपालन पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि देर रात दो युवक और दो युवतियां मॉल रोड पर थे। उनमें से एक युवती ने अधिक शराब पी रखी थी और वह युवकों के नियंत्रण में नहीं थी। युवकों ने ही पुलिस से सहायता मांगी थी। पुलिस युवती को चैकी लेकर आई, उसे काफी देर तक समझाया गया और स्थिति सामान्य होने पर उसे सुरक्षित घर भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि पर्यटन नगरी मसूरी में सार्वजनिक स्थानों पर शराब के नशे में हंगामा करने वालों के खिलाफ पुलिस का रवैया कितना प्रभावी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन में इस तरह की घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उनका मानना है कि कानून का पालन सभी पर समान रूप से होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *