सिटी फॉरेस्ट पार्क में जुटे हजारों लोग, योग-प्राणायाम के साथ स्वस्थ उत्तराखंड का संकल्प - News Debate

सिटी फॉरेस्ट पार्क में जुटे हजारों लोग, योग-प्राणायाम के साथ स्वस्थ उत्तराखंड का संकल्प

योग की छांव में विकास का संकल्प, एमडीडीए सिटी फॉरेस्ट पार्क बना स्वास्थ्य और प्रकृति का महाकुंभ

देहरादून। एमडीडीए द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शिरकत की। इस दौरान मुख्य सचिव व अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया, प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रकृति की हरियाली और पहाड़ों की शांत वादियों के बीच एक हजार से अधिक लोगों ने सामूहिक योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा योग जागरूकता के लिए उनके योगदान की सराहना की।

देवभूमि से दुनिया तक योग की गूंज
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति की वह अमूल्य धरोहर है जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवनशैली के बीच योग मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र को स्वस्थ बनाने का अभियान है।

उत्तराखंड बनेगा योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी: तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से योग, तप और आध्यात्मिक साधना की भूमि रहा है। यहां का प्राकृतिक वातावरण और सांस्कृतिक विरासत लोगों को संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। चारधाम, हिमालय और प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध उत्तराखंड विश्वभर के योग साधकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

 

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