बेहतर चार धाम यात्रा प्रबंधन के लिए उत्तराखंड पुलिस का प्रतिष्ठित SKOCH Award हेतु चयन – News Debate

बेहतर चार धाम यात्रा प्रबंधन के लिए उत्तराखंड पुलिस का प्रतिष्ठित SKOCH Award हेतु चयन

चारधाम यात्रा 2025 के अभिनव ट्रैफिक कंट्रोल मॉडल के लिये युवा पुलिस अधिकारी लोकजीत सिंह को मिला राष्ट्रीय सम्मान

देहरादून। चारधाम यात्रा 2025 के सफल संचालन हेतु विकसित अभिनव ट्रैफिक एवं कंट्रोल रूम प्रबंधन प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award – India’s Honest Independent Honour के लिए चयनित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक (यातायात) देहरादून लोकजीत सिंह के नेतृत्व में “चारधाम यात्रा 2025 : निर्बाध तीर्थ प्रबंधन हेतु अभिनव कंट्रोल रूम समाधान” नामांकन को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शासन एवं विकास के क्षेत्र में विशिष्ट और परिणाम-आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।

चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्ष 2025 में यातायात प्रबंधन को सुचारु, सुरक्षित एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा उन्नत कंट्रोल रूम सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल समन्वय, इंटेलिजेंट रूट डायवर्जन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया गया। इस नवाचार के परिणामस्वरूप यातायात जाम में कमी, तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस व युवा पुलिस अधिकारी एसपी ( ट्रैफिक ) लोकजीत सिंह की तकनीकी दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। चारधाम यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में प्रभावी यातायात प्रबंधन राज्य की प्रशासनिक क्षमता और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 106वें SKOCH समिट के दौरान प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर एसपी ( ट्रैफिक ) लोकजीत सिंह सहित पूरी ट्रैफिक पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी उत्तराखंड पुलिस के लिए प्रेरणास्रोत है तथा भविष्य में भी नवाचार आधारित पुलिसिंग को प्रोत्साहन देता रहेगा।

वर्ष 2024 की चारधाम यात्रा के दौरान आई चुनौतियों ने प्रशासन को अनेक महत्वपूर्ण सीख दी थीं। इन्हीं अनुभवों को आधार बनाते हुए पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2025 की यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक सशक्त रणनीति तैयार की। IG रेंज के अंतर्गत एक केंद्रीकृत और प्रभावी कंट्रोल रूम के गठन का निर्णय लिया गया, जिसकी जिम्मेदारी एसपी लोकजीत सिंह को सौंपी गई। सीमित समय में ही उन्होंने अपनी टीम के साथ कंट्रोल रूम की स्थापना कर व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दीं। आधुनिक तकनीकी संसाधनों, निरंतर मॉनिटरिंग और बहु-एजेंसी समन्वय के माध्यम से यात्रा प्रबंधन को एक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख ढांचे में ढाल दिया गया।

चारधाम यात्रा 2025 सरकार, शासन और पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि लक्ष्य केवल व्यवस्थाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना था। लोकजीत सिंह के नेतृत्व में कंट्रोल रूम ने व्यवस्थित योजना और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ कार्य किया। यात्रा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को गतिशील और संवेदनशील तरीके से संभाला गया। धराली आपदा के समय रेस्क्यू कार्यों का प्रभावी समन्वय, पहलगाम आतंकी हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, तथा विभिन्न हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी—इन सभी जटिल परिस्थितियों में उन्होंने सूझबूझ, संयम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। संकट की हर घड़ी में कंट्रोल रूम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सका।

चारधाम यात्रा जैसे विशाल और आस्था से जुड़े आयोजन का सफल संचालन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनविश्वास और सुरक्षा का प्रश्न भी होता है। एसपी श्री लोकजीत सिंह ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि सुनियोजित रणनीति और समर्पित प्रयासों से कठिन से कठिन चुनौतियों का भी प्रभावी समाधान संभव है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा, गौरव और विश्वास का प्रतीक है।

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