शहीदों के परिवारों की देखभाल का जिम्मा जनता का:धस्माना
देहरादून/खटीमा : पुलवामा आतंकवादी हमले में फरवरी वर्ष 2019 में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ के चालीस जवानों की वीरांगनाओं (धर्मपत्नियों) को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सम्मानित किया व प्रत्येक परिवार को एक एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की । उत्तराखंड के दो बहादुर जवान श्री मोहन लाल रतूड़ी और खटीमा के वीरेंद्र सिंह राणा इस हमले में शहीद हुए थे।
आज प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना प्रातः शहीद मोहन लाल रतूड़ी के कारगी चौक निवास पहुंचे और शहीद की पत्नी श्रीमती सरिता, सुपुत्र राम व बिटिया गंगा से मिले व उनकी कुशलक्षेम जानने के बाद श्री धस्माना ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे व लोकसभा में नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी का संदेश परिवार को दिया।
धस्माना ने शहीद मोहन लाल रतूड़ी के परिजनों से कहा कि उनके पति ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और अब उनके परिजनों की देखभाल की जिम्मेदारी देश की है इसीलिए कांग्रेस हमेशा उनकी सेवा के लिए तैयार है। धस्माना ने श्रीमती रतूड़ी से कहा कि परिवार को कभी भी उनकी सेवाओं की आवश्यकता हो तो वे निसंकोच उनको याद कर सकती हैं। उन्होंने श्रीमती रतूड़ी को शाल पहना कर सम्मानित किया व उनको एआईसीसी द्वारा भेजा गया एक लाख रुपए का चैक भेंट किया।
दूसरी ओर प्रदेश के पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी और प्रदेश पूर्व सैनिक विभाग उपाध्यक्ष सूबे गोपाल सिंह गड़िया, प्रदेश के जिला उद्यम सिंह नगर के ब्लॉक खटीमा में ग्राम पंचायत गुड़िया निवासी सी आर पी एफ के शहीद कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह राणा की पत्नी श्रीमती रेणु राणा को 1 लाख का चेक भेंट करने हेतु खटीमा पहुंचे। कांग्रेस के इन पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय ब्लॉक अध्यक्ष विनोद चंद चक्रधर,सूबे कुंवर सिंह खनका,पी सी सी उमेश राठौर जिला महिला अध्यक्ष और भारी संख्या में उपस्थित कांग्रेस पदाधिरियों के सम्मुख वीरांगना को चेक सम्मान स्वरुप प्रदान किया।
सेना के शौर्य पर सवाल उठाने वाले कर रहे शहीदों के परिजनों का सम्मान:चौहान
सेना के अपमान के लिए क्षमा मांगे कांग्रेस, सम्मान की जरूरत नौटंकी की नही
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस पुलवामा हमले मे शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने का आडंबर कर रही है और जनता बेहतर जानती है कि यह अब तक सैनिकों के शौर्य पर सवाल उठाने वालों का अचानक हृदय कैसे परिवर्तन हुआ है।
मीडिया से वार्ता करते हुए चौहान ने कहा कि जब सेना पाकिस्तान परस्त आतंकियों के हमले से जूझ रही थी तो कांग्रेस हमले मे लाभ हानि और का आकलन कर रही थी तो साथ ही श्वेत पत्र जारी करने की बात कर रही थी। ऐसी परिस्थिति मे जब सेना के साथ खड़े होने अथवा देश मे एकजुटता दिखाने का अवसर था तो कांग्रेस इस बीभत्स कांड मे भी अवसर खोज रही थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र लोग भली भाँति जानते हैं क्योकि कांग्रेस को सेना से अधिक पाकिस्तान पर अधिक भरोसा है। कांग्रेस अभी तक सर्जिकल स्ट्राईक पर सुबूत मांगती रही है और सैनिकों के मनोबल को तोड़ने मे हमेशा आगे रही है। उन्होंने कहा कि सेना से सुबूत मांगने वालों का शहीदों को सम्मानित करने का ढोंग न केवल हास्यास्पद है, बल्कि सैनिकों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा भी है। हाल ही मे चले ऑपरेशन सिंदूर मे भी कांग्रेस के सुर पाकिस्तान से मिलते रहे। पाकिस्तान ने भाजपा को करारी चोट का दुष्प्रचार करने मे कांग्रेस नेता राहुल के बयानों को देश दुनिया हर मंच पर उठाया।
चौहान ने कहा कि सेना को मौके के अनुसार नही सदैव सम्मान की जरूरत है। कांग्रेस शासन मे सैनिकों की अनदेखी के बाद भाजपा ने सेना को जिस तरह सम्मान दिया वह अभुतपूर्व है। वन रेंक बन पेंशन से लेकर, सैनिकों को फ्री हैंड देने, परिजनों को हर सुविधाएं मुहैया करायी गयी तो उनके सम्मान का पूरा ख्याल रखा गया। सेना मे शहीदों के परिजन आज सुरक्षित और सम्मानित है। वहीं आज भारतीय सेना का आधुनिकीकरण हो रहा है। जबकि कांग्रेस के शासन काल मे बॉर्डर मे गोलाबारी की घटना पर दिल्ली से परमिशन का काल सबने देखा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस नौटंकी को जनता भली भाँति जानती है और सैनिको के अपमान को जनता तथा सैन्य परिवार नही भूलेंगे। बेहतर होता कि कांग्रेस सेना के शौर्य और शहीदों के परिंजनों से क्षमा मांगती, सेना को सम्मान की जरूरत है झूठे आडंबर की नही।
