अल्पसंख्यक कल्याण से अब तक नहीं हो पाया स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरण
विकासनगर। विकास नगर क्षेत्र के अंतर्गत डाक पत्थर मे करोड़ों की लागत से बना 50 बेड का चिकित्सालय धूल फांक रहा है। इससे मरीजो को इस अस्पताल का लाभ नही मिल पा रहा है और देखरेख के अभाव मे यह जर्जर स्थिति की ओर जा रहा है।
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मोर्चा टीम के साथ डाकपत्थर संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण कर महीनों पूर्व बनकर तैयार धूल फांक रहे चिकित्सालय की दुर्दशा के लिए जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की और कहा कि जल्द ही शासन के सम्मुख मामले को रखा जायेगा।
नेगी ने कहा कि लगभग 13 करोड़ की लागत से वर्ष 2021 में स्वीकृत 50 बेड का संयुक्त चिकित्सालय महीनों पहले उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम द्वारा बनाकर तैयार किया जा चुका है, जिसमें भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, लेकिन आज तक उक्त चिकित्सालय को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हस्तगत करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस कारण जनता की गाड़ी कमाई बर्बाद होने के कगार पर है। आलम यह है कि विकासनगर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत अधिकांश मामलों में सिर्फ ठेकेदारी की कमाई हड़पने के उद्देश्य से बिल्डिंग्स/ पुल इत्यादि तैयार हो रहे हैं, लेकिन आमजन के लिए कैसे सुविधा मिले, इसके लिए जिम्मेदार तैयार नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू हो जातीं तो निश्चित तौर पर उप जिला चिकित्सालय, विकासनगर के मरीजों को भी राहत मिलती एवं डाकपत्थर व आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी सुविधा होती। मोर्चा शीघ्र ही चिकित्सालय को हस्तगत कराने के लिए शासन में दस्तक देगा, जिससे जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
इस मौके पर महासचिव आकाश पंवार,दिलबाग सिंह, प्रवीण शर्मा पिन्नी, अतुल हांडा व प्रमोद शर्मा आदि मौजूद थे।
