देहरादून। हल्द्वानी के टांडा रेंज मे बच्चे के साथ ट्रैक पार कर रहे नर हाथी के ट्रेन के इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे मे हाथी का एक बच्चा भी घायल भी हुआ है। सूचना के बाद मौके पर रेल प्रशासन के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारी पहुँच गए और हाथी के घायल बच्चे का उपचार शुरू किया गया।
हादसा उस समय हुआ जब लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के लालकुआं बरेली रेलवे ट्रैक पर श्मशान घाट के पास तेज गति से जा रहे इलेक्ट्रिक पावर इंजन की चपेट मे पटरी क्रॉस कर रहे एक नर हाथी और बच्चा आ गए। टक्कर से हाथी की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि उसके साथ चल रहा सात माह का हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।
हाथियों की मौत के बाद रेलवे प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घरे मे आ गयी है। एक सप्ताह पहले भी ट्रेन की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हुई थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी का कहना है कि
मामले ट्रेन के पायलट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। वन अधिकारी का कहना है कि इंजन का नंबर भी नोट कर लिया गया है। ट्रेनों की रफ्तार इस रेंज में तय की गई है. लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा है।
गौरतलब है कि वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार तराई केंद्रीय वन प्रभाग अंतर्गत लालकुआं -रुद्रपुर रेलमार्ग पर पिछले 23 सालों में 11 हाथियों की ट्रेन से कटकर मौत हुई है. जबकि लालकुआं- बरेली मार्ग पर दो हाथियों की ट्रेन से कटकर मौत हुई है. इस तरह इस इलाके में पिछले 23 साल में 13 हाथी असमय जान गंवा चुके हैं.