चरस तस्करी का दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 10 साल का कारावास – News Debate

चरस तस्करी का दोष सिद्ध होने पर आरोपी को 10 साल का कारावास

बागेश्वर (गोविंद मेहता) विशेष सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने चरस तस्करी के आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए 10 साल का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थ दण्ड अदा न करने पर 10 माह का अतिरिक्त करावास भोगने की सजा सुनायी है।

15 नवम्बर 2022 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कैलाश सिंह नेगी एवं एसआई गोविन्द बलत्म भट्ट अपनी पुलिस टीम के साथ कपकोट रोड में तैनात थे। जब पुलिस टीम आरे दयांगढ़ बाई पास तिराहे पर वाहनो की चैकिंग कर रहे थे तो कपकोट की ओर से एक व्यक्ति अपने कनो में पिट्ठू बैग लटकाये हुये आ रहा था। जब वह स्थान हयात सिंह गढ़िया समृति द्वार पर पहुँचा तो पुलिस टीम को देखकर पीछे मुड गया जिस कारण शक होने पर पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गये व्यक्ति से नाम पता पूछते हुए मागने का कारण पूछा गया तो उसने अपना नाम मदन सिंह दानू पुत्र महेन्द्र सिंह दानू ग्राम सोराग, थाना कपकोट जिला बागेश्वर बताया तथा अपने पास चरस होना बताया।

तलाशी लेने पर एक नीले रंग की पन्नी की गाँठ खोलकर चैक करने पर उसके अन्दर काले रंग के बत्तीनूमा टुकडे बरामद हुए जो चरस था। पकडे गये व्यक्ति से बरामद माल चरस को तोलने पर वजन 1. 076 किलोग्राम बरामद हुआ और आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र सत्र न्यायालय बागेशर में अन्तर्गत धारा- 8/20 एन०डी०पी०एस० एक्ट के तहत प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में बरामदगी सहित आठ (8) गवाह परीक्षित कराये गये। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गोविन्द बल्लम उपाध्याय एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) चंचल सिंह पपोला के द्वारा की गई। विशेष सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्चे के द्वारा मामले की पत्रावली पर गवाहों के बयानों विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परीक्षण आख्या रिर्पोट और पत्रावली पर अन्य दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त मदन सिंह दानू को दोषी पाते हुए 10 साल का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपया (1.00.000/00) अर्थदण्ड से दंडित किया गया है, अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 माह का अतिरिक्त करावास की सजा सुनाई है।

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