ऑपरेशन कालनेमि पर पश्चिमी यूपी के शातिर ठग गिरोह का पर्दाफ़ाश
आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड, विभिन्न बैकों के एटीएम व अन्य फर्जी दस्तावेज हुए बरामद
देहरादून। तान्त्रिक उपायों, सिद्धि अनुष्ठानों के माध्यम से वशीकरण कर लोगो की समस्याओं को दूर करने का झांसा ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वेस्ट यूपी के दो शातिर गिरफ्तार किए हैं। पूछताछ में पता चला कि उक्त आरोपियों ने अब तक 100 से अधिक व्यक्तियों से ठगी की है। सीएम ने ऐसी पृष्ठभूमि से जुड़े बाहरी व्यक्तियों व तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने वाले कालनेमियो को चिन्हित कर उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिये गये है। दून पुलिस द्वारा लगातार सभी थाना क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश हेतु प्रभावी चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
बीते सोमवार रात्रि में प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर को गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त हुई की पश्चिमी यूपी के दो शातिर ठग, जो वशीकरण का ढोंग करके लोगो से ठगी करते हैं और ये चमन विहार क्षेत्र में किराए पर रह रहे है। जिनके द्वारा कुछ अन्य व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके फर्जी बैक खाते खुलवाये गये है, जिनका इस्तेमाल वे लोगों से ठगी में कर रहे है। प्राप्त सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ चमन विहार फेज -1 स्थित आशियाना होम्स में औचक छापेमारी की। कार्यवाही के दौरान पुलिस द्वारा मौके से दो व्यक्तियों सलमान पुत्र रियाजुल निवासी शामली यूपी तथा शाहरूख पुत्र शाहिद निवासी जानसठ मुज्जफरनगर को संदिग्धता के आधार पर हिरासत मे लिया गया। जिनके कब्जे से पुलिस को उनके तथा अन्य लोगों के नाम के आधार कार्ड, पेन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेन्स, चैक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद हुए। बरामद दस्तावेजों के सम्बन्ध में सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि उनके वे लोगों को वशीकरण करने का ढोंग करके उनकी समस्याओं को दूर करने के नाम पर ठगी करते थे। वहीं लोगो से ठगी करने के लिये उनके द्वारा अपने तथा अन्य लोगो के फर्जी पते के उक्त आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए गए थे। जिनका इस्तेमाल करके उनके द्वारा लोगो से ठगी का पैसा प्राप्त करने के लिये बैकों में अलग-अलग खाते खुलवाये गये थे। दोनो आरोपियों को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार करते हुए उनके विरूद्ध कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है
पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि दोनों आरोपी बीते डेढ माह से पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत चमन विहार में किराए पर रह रहे थे तथा मूल रूप से शामली तथा मुज्जफरनगर के रहने वाले है। अभियुक्तो द्वारा खुद को तांन्त्रिक बताकर लोगो को वशीकरण करने का झूठा ढोंग करके भोले भाले लोगो के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। आरोपियों ने ठगी के प्रयोजन से अपने तथा दो अन्य व्यक्तियों दिलनवाज पुत्र समीम तथा भूरा के नाम से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाए थे। जिसमें उनके द्वारा मूल पते के तौर पर अपने किराये के पते को अंकित किया गया था। जिनका उपयोग करके इन आरोपियों ने दिलनवाज तथा मौ भूरा के नाम से अलग- अलग बैकों में फर्जी खाते भी खुलवाये थे। पूछताछ में उनके द्वारा अब तक 100 से अधिक लोगो के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम देना तथा उनके निजी व फर्जी बैक खातों में भी ठगी की घटनाओं में प्राप्त धनराशि का लेन देन होने सम्बन्धी तथ्य प्रकाश में आए है, जिनके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।