उत्तराखंड की लोक संस्कृति का बढ़ा मान
देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाली सुप्रसिद्ध लोक गायिका हेमा नेगी करासी को प्रतिष्ठित ‘अडानी प्रेजेंट्स अमेजिंग इंडिया अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनकी कला साधना और लोक कला के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे समर्पण का एक और बड़ा प्रमाण है।
हेमा नेगी करासी ने अपनी मधुर आवाज और लोकगीतों के माध्यम से न केवल देश-विदेश में उत्तराखंड की संस्कृति का परचम लहराया है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए भी निरंतर कार्य किया है। इससे पहले भी आपको आपकी कलात्मक सेवाओं के लिए ‘तीलू रौतेली पुरस्कार’ एवं ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मान के नामिंत किया जा चुके हैं।
इस उपलब्धि पर हेमा नेगी करासी ने कहा, “यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि मेरी देवभूमि उत्तराखंड की पूरी लोक संस्कृति, हमारे पारंपरिक वाद्यों और उन सभी कलाकारों का सम्मान है जो हमारी लोक विरासत को सहेजने में दिन-रात जुटे हैं।”
गौरतलब है कि हेमा नेगी करासी संगीत और कला के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहने के साथ-साथ एचएनके सांस्कृतिक सेवा ट्रस्ट’ के माध्यम से नई पीढ़ी को पारंपरिक वाद्ययंत्रों का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दे रही हैं, ताकि लोक विरासत हमेशा जीवंत बनी रहे।
