रामनगर। कार्बेट रिजर्व से सटे रामनगर के गर्जिया क्षेत्र में जंगल से निकल कर आये बाघ ने आबादी क्षेत्र से चर रहे घोड़े को मार डाला और घसीटते हुए ले गया। आसपास के लोग इस दृश्य को देखकर महज सोच मचाते ही रह गए। घटना के बाद क्षेत्र मे दहशत का माहौल है।
घटना सोमवार दोपहर की है। घटना के बाद मौके पर पहुँची वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ लोगों को झूला पुल और जंगल के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। बताया जाता है कि दोपहर करीब 1:30 बजे नेशनल हाईवे-309 पर झूला पुल चौराहे के पास, पूर्व में बनाए गए गर्जिया पर्यटन जोन के गेट के समीप बाघ ने एक घोड़े पर हमला कर दिया। हमले के बाद बाघ घोड़े को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। जिस जगह बाघ ने घोड़े को अपना शिकार बनाया, वह क्षेत्र आबादी से बिल्कुल सटा हुआ है। झूला पुल चौराहे के आसपास दिनभर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में दिन के समय बाघ का आबादी के बेहद करीब पहुंचना चिंता बढ़ाने वाला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी बाघ की गतिविधियां सामने आती रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ ने अचानक घोड़े पर हमला किया और उसे घसीटते हुए जंगल की तरफ ले गया। आसपास मौजूद लोगों की आवाज़ें भी सुनाई दे रही थीं, लेकिन बाघ घोड़े को लेकर जंगल की ओर चला गया।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ ही बाघ की संभावित लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रामनगर वन प्रभाग के रेंज अधिकारी कृष्णा सिंह मेहरा के अनुसार, विभाग क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों से जंगल तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है। उन्होंने विशेष रूप से लोगों को झूला पुल की ओर जाने से बचने की सलाह दी है।आबादी के पास दिनदहाड़े बाघ द्वारा घोड़े का शिकार किए जाने की घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाघ की गतिविधियां इसी तरह आबादी के आसपास जारी रहती हैं तो भविष्य में इंसानों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त और निगरानी और बढ़ाने की मांग की है।

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