चमोली। चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की टनल धसने से हुए हादसे में 7 श्रमिकों की मौत ह गयी है। श्रमिकों की मौत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है। इनमें एक टिहरी जिले के चंबा और दूसरा चमोली जिले के उर्गम क्षेत्र का रहने वाला था। घटना में घायल 15 अन्य श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
गौरतलब है कि टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में वीरवार शाम धसाव होने से सेकडों टन मलबा और पानी भर गया। 444 मेगावाट की इस परियोजना की पीपलकोटी स्थित 3.5 किलोमीटर लंबी टनल के 1.5वें किलोमीटर पर यह हादसा हुआ। बताया गया है कि यह टेल रेस टनल (टीआरटी) है, जिससे विद्युत उत्पादन के बाद पानी निकलकर नदी में चला जाता है। टनल में पानी और मलबा भर जाने के कारण श्रमिक उसमें फंस गए। शाम को पुलिस, मौके पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और फायर सर्विस के जवानों ने एचसीसी के अन्य श्रमिकों और मशीनों के साथ तत्काल टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
देर रात तक 22 श्रमिकों को टनल से निकाल लिया गया था, जिनमें 7 की मौत हो गई। अन्य 14 घायलों को गोपेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें एक को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि एक अन्य को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष 12 घायलों का उपचार वहां चल रहा है। एक घायल पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती बताया गया है। गोपेश्वर अस्पताल लाए गए घायलों में 5 झारखंड, 4 बिहार, 2 छत्तीसगढ़ और 1-1 पंजाब व हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। अब तक जिन 7 मृतकों की आधिकारिक पुष्टि हुई है, उनमें टिहरी जिले के चंबा क्षेत्र का 31 वर्षीय प्रदीप पंवार व चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक क्षेत्रातंर्गत उर्गम का रहने वाला मुकेश शामिल हैं। अन्य मृतक झारखंड व बिहार के हैं।
बताया जाता है कि घटना के वक़्त टनल मे 28 श्रमिक कार्य कर रहे थे। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है, क्योंकि अब भी कुछ श्रमिक मलबे में दबे हैं, जिनकी तलाश में शुक्रवार तड़के सर्च ऑपरेशन फिर शुरू कर दिया गया। टनल के भीतर
रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित करने में जवानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गर्दन तक की गहराई में पानी और मलबा भरे होने के कारण आगे बढ़ना मुश्किल था। इसके चलते एसडीआरएफ के जवानों ने प्लास्टिक के नीले ड्रमों को बांधकर उन्हें पानी-मलबे में नाव की तरह इस्तेमाल किया और आगे बढ़े। श्रीनगर से राफ्ट भी मंगाई गई है, जो तड़के मौके पर पहुंच गई। मलबे में मजदूरों के गहराई तक दबे होने की आशंका में ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।
धामी ने की झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की।
मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 16 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।


