चमोली के तमक नाले मे बादल फटने मे आधे घंटे की मियाद से बच गयी कई जिंदगियां

टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन को गए पर्यटक भी फंसे, मलवा हटाते ही निकली 30 -35 गाड़िया तो नाले मे फट गया बादल और बह गया पुल

चमोली। सोमवार को चमोली के तमक नाले मे बादल फटने और पुल से वाहनों के निकलने की मियाद और बादल फटने के बीच आधे घंटे की मोहलत से कई जिंदगियां बच गयी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी संख्या में जोशीमठ क्षेत्र के स्थानीय लोग और कुछ पर्यटक टीमरसैंण महादेव के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तमक नाले का जलस्तर बढने से उसका बहाव पुल तक पहुंच गया। 3:00 पानी का बहाव तेज होने से आवागमन बंद हो गया था उसके बाद सीमा सड़क संगठन के द्वारा पुल के ऊपर से मालवा हटाया गया। 4:20 पर यातायात शुरू इस दौरान 20 से 25 छोटी गाड़ी और वही 30 35 बड़ी गाड़ियां जिसमें आर्मी की गाड़ियां भी शामिल थी और पुल के दोनों और फांसी हुई थी। मलवा हटते ही सभी गाड़ियों को सुरक्षित निकाला गया। गाड़ियों के निकलते ही पहाड़ के ऊपर से बड़ी-बड़ी पत्थर गिरने की आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते पूरे नाले में बादल फट गया जिसे वहां पर भारी नुकसान पहुंचा

इस दौरान घाटी में गए 3 दर्जन के आसपास पर्यटक भी फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी पर्यटक इन दिनों टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन के लिए गए थे। प्रशासन के अनुसार सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। गनीमत रही कि बादल फटने से करीब 30 मिनट पहले ही कुछ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया था। जैसे ही वाहन तमक पुल पार कर जोशीमठ की ओर पहुंचे, पीछे से सैलाब आ गया।

रेस्क्यू में जुटा जोगिंदर: डेढ़ मिनट तक मशीन में फंसकर बची जान

तमक में बादल फटने के दौरान एक पोकलैंड मशीन ऑपरेटर जोगिंदर सिंह, निवासी जम्मू-कश्मीर की जान बाल-बाल बची। सैलाब आने पर वह डेढ़ मिनट तक मशीन के अंदर फंसे रहे। भारी पत्थर और बोल्डर गिरते देख उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए मशीन नहीं छोड़ी। पानी का बहाव कम होने पर वह सुरक्षित बाहर निकले। मंगलवार सुबह से ही जोगिंदर फिर अपनी मशीन लेकर सड़क खोलने के काम में जुट गए हैं। उनकी हिम्मत की स्थानीय लोगों और जोशीमठ ब्लॉक प्रमुख नेगी ने सराहना की है।

युद्धस्तर पर राहत कार्य, फसल को भी नुकसान

घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और आर्मी की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इनमें से 15 जवान लापता हवलदार की तलाश में जुटे हैं। आईटीबीपी के जवानों ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए रस्सियां लगाई हैं।

प्रशासन ने राशन और जरूरी सामान वैकल्पिक मार्गों से पहुंचाने की व्यवस्था कर दी है सुरक्षा व्यवस्था और घाटी में फंसे लोगों को निकालने के लिए चमोली पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं चमोली के सीओ मदन सिंह बिष्ट और थाना प्रभारी जोशीमठ देवेंद्र रावत भी तमक पहुंचे, जहां उन्होंने रास्ते में फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द निकलने तथा उन्हें अलग-अलग वाहनों के माध्यम से जोशीमठ पहुंचने का आश्वासन दिया है …हालांकि सब ने कहा कि सड़क मार्ग जल्द ही सुचारु हो जाएगा जिससे लोगों को परेशानियां कम होगी…

सोमवार को तमक घाटी मे सोमवार को फटा था बादल

उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी के तमक क्षेत्र में सोमवार शाम को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आए सैलाब और भारी मात्रा में आए मलबे ने पूरे इलाके का मंजर बदल दिया। देखते ही देखते सीमा सड़क संगठन का 40 मीटर लंबा बेली ब्रिज तिनके की तरह बहकर धोली नदी में समा गया। इस हादसे में बीआरओ का एक हवलदार पंकज, निवासी धारचूला, पिथौरागढ़ लापता हो गया है। उसकी तलाश के लिए गढ़वाल राइफल के जवान धोली नदी के किनारे-किनारे सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। एनडीआरएफ और गढ़वाल स्काउट की टीम के द्वारा डॉग एस्कॉर्ट की सहायता से सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है घटनास्थल से 200 मीटर दूर तक नदी के किनारे किनारे सर्च ऑपरेशन जारी है…

13-14 गांवों का संपर्क टूटा, पर्यटक भी फंसे
बादल फटने से नीति घाटी के 13 से 14 गांवों – जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, नीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क का संपर्क तहसील मुख्यालय जोशीमठ से पूरी तरह कट गया है।

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