देहरादून। प्रेम नगर के पास टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोनिवि ने हिमालयन कंस्ट्रक्शन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अग्रिम आदेशों तक लोक निर्माण विभाग की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है।
गौरतलब है कि 28 जुलाई को क्षेत्र में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंस गई थी। रोड पर बहुत बड़ा गड्ढा हो गया था। इसके बाद सड़क निर्माण और उसकी गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े होने लगे। विपक्ष ने कार्यो की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाये थे। मामले मे शासन ने घटना पर जांच बिठाई। सिर्फ 16 दिनों में कैसे एप्रोच रोड धंस गई? घटना के 10 दिन बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया। कार्य अनुबंध संख्या 36/SE-09/2025-26, दिनांक 31 जनवरी 2026 के तहत मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून को दिया गया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव ने 28 जुलाई को मुख्य अभियंता, क्षेत्रीय कार्यालय लोक निर्माण विभाग, देहरादून को मामले की प्राथमिक जांच करने के निर्देश दिए थे. शासन ने जांच में सामने आए तथ्यों और अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था. इसके बाद मुख्य अभियंता की ओर से 3 अगस्त 2026 को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई. रिपोर्ट में पुल की एप्रोच रोड को हुए नुकसान का कारण Heavy Scouring बताया गया.
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लोनिवि ने मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अग्रिम आदेशों तक कंपनी को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल की एप्रोच रोड को हुए नुकसान के मामले में अब कार्रवाई सिर्फ तकनीकी जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य करने वाली कंपनी पर भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।
मामले में हिमालयन कंस्ट्रक्शन में हिस्सेदार बीजेपी महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा हिमालयन कंस्ट्रक्शन में उनकी हिस्सेदारी है। कंपनी से जुड़े मामले में जो भी जिम्मेदारी बनती है, वह उससे पीछे नहीं हटेंगी.
रुचि भट्ट ने कहा, सरकार और विभाग की ओर से मामले में जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी कंपनी के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं. सरकार के निर्णय का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे और सरकार की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसका पालन किया जाएगा।

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