प्रशासन और निहंग समुदाय के बीच वार्ता जारी,सीमा पर स्थिति सामान्य

देहरादून। पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड की ओर आने का प्रयास कर रहे निहंग सिख समुदाय के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बीच शुक्रवार को पांवटा साहिब सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य बनी हुई है। प्रशासन एवं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने शुक्रवार को उत्तराखंड की प्रवेश सीमा पांवटा साहिब पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

पांवटा साहिब सीमा पर पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। देहरादून आने-जाने वाले वाहनों की सघन निगरानी एवं जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ गुरुद्वारा पांवटा साहिब में सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में वार्ता जारी है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जनपद में शांति एवं कानून-व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है और प्रत्येक गतिविधि पर प्रशासन एवं पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी संवाद के माध्यम से स्थिति को पूर्णतः सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि सीमा क्षेत्र सहित सभी संभावित प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की प्रभावी तैनाती कर नाकेबंदी की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

गौरतलब है कि गुरुवार रात देहरादून की ओर कूच कर गए निहंगों को पुलिस ने वापस तो भेज दिया लेकिन वह अन्य साथियों के साथ पांवटा साहिब में डटे हैं। पांवटा साहिब से लगा विकासनगर-कुल्हाल बार्डर पर कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। निहंग सिखों ने देर रात उत्तराखंड और हिमाचल बार्डर पर कुल्हाल गेट बार्डर पर लगी बैरिकेडिंग को हटाकर और कुछ वाहन में तोड़फोड़ कर बार्डर पार कर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कल लिया था। पुलिस ने उन्हे समझा-बुझाकर पांवटा साहिब वापस भेजा दिया था।

16 जून से बना है विवाद

16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब से लौट रहे निहंगों और स्थानीय लोगों में मामूली विवाद हुआ था। बाद में बात मारपीट तक पहुंच गई और तलवार के वार से कई लोग घायल हो गए। एक घायल को एयरलिफ्ट करना पड़ा था. इसके बाद कुछ निहंग नगरासू गुरुद्वारे में घुस गए और गुरुद्वारे को चार दिन तक बंधक बनाए रखा।

नगरासू से निकले निहंगों के पंजाब पहुंचने के बाद उन्होंने उत्तराखंड कूच का ऐलान कर दिया। निहंग कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए उनके साथियों को छोड़ने की मांग कर रहे हैं। कर्णप्रयाग और नगरासू गुरुद्वारे की घटनाएं अलग-अलग हैं। नगरासू में निहंगों का गुरुद्वारा की प्रबंधन कमेटी के लोगों से विवाद हुआ था और उन्होंने ऊपरी मजिल पर कब्जा कर लिया था। बाद मे सभी पंजाब लौट गए।

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