कोटद्वार। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन (NMOPS) की जिला कार्यकारिणी के आह्वाहन पर टीईटी के खिलाफ और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने आक्रोश रैली निकालकर उपजिलाधिकारी कोटद्वार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
तय कार्यक्रम के अनुसार जीआईसी मे एकत्रित होकर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए झंडाचौक होकर तहसील तक विशाल पेंशन आक्रोश रैली निकाली। रैली को संबोधित करते हुए NMOPS के जिलाध्यक्ष अनूप जदली ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली चाहिए जिसके लिए कर्मचारी सड़कों पर हैं और सरकार इसके खिलाफ कर्मचारियों का शोषण कर रही है। सरकार जबरदस्ती यूपीएस नाम की फर्जी पेंशन योजना थोप रही है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्तन बिष्ट कहा कि अपने आप तो एक दिन के लिए विधायक मंत्री सांसद बनने पर नेता पूरे जीवन भर पेंशन लेते हैं और एक ही व्यक्ति कई बार जीतने पर कई पेंशन ले रहे हैं। कर्मचारियों के लिए पेंशन नहीं है तो नेताओं की पेंशन भी बन्द होनी चाहिए।
फार्मेसिस्ट संघ के जिलाध्यक्ष आर.पी.कोहली ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का भविष्य प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंप रही है इससे कर्मचारियों में रोष है। NMOPS के जिला मीडिया प्रभारी सन्तूदास ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रयास नहीं किए तो कर्मचारी लामबंद होकर इनके खिलाफ माहौल बनाने का कार्य करेंगे। राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री विजेन्द्र बिष्ट ने बताया कि सरकार RTE आने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता नहीं थोप सकती।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संगठन पदाधिकारियों सहित कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया जिनमें बलबीर रावत, मनमोहन चौहान, कुलदीप रावत, गोपी चन्द्र विदुड़ी, भोपाल रावत, लक्ष्मण बिष्ट, कौशिद्ध अली, अशोक भण्डारी, राहुल लखेड़ा, भारतभूषण शाह, जगदीश राठी, मनीष बिष्ट, भीम सिंह, दीपक नेगी, राजेन्द्र पाल आदि ने रैली को संबोधित किया।