22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 को खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट, तैयारियां पूरी
प्रातः 08 बजे शुभ मुहूर्त में खुलेंगे श्री केदारनाथ धाम के कपाट,
कपाट खुलने के अवसर पर शामिल होंगे मुख्यमंत्री धामी
मंदिर की भव्य सजावट, कड़े सुरक्षा प्रबंध और श्रद्धालुओं में उत्साह
चमोली। आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्री केदारनाथ धाम के कपाट कल 22 अप्रैल को प्रातः 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ होगा।
कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचेंगे तथा परंपरानुसार धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-अर्चना में सम्मिलित होंगे।
कपाट खुलने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं और बाबा के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।
श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से सड़कों की मरम्मत एवं सुचारू यातायात व्यवस्था, पैदल मार्ग पर शौचालय, आवास, खान-पान एवं पेयजल की सुविधा, विद्युत एवं सोलर लाइट की समुचित व्यवस्था तथा प्रत्येक दो किलोमीटर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सहायता केंद्र (एमआरपी) की स्थापना की गई है।
इसके अतिरिक्त, पैदल मार्ग तथा धाम क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था एवं गर्म पानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। यात्रा मार्ग एवं धाम क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज यात्रा का अनुभव मिल सके।
देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। राजस्थान से आए शेर सिंह, ऋषिकेश से सौरभ कालरा, देहरादून से ध्रुव, चमोली से पुष्पा बिष्ट एवं नरेंद्र बिष्ट तथा पौड़ी से आई सोनाली नेगी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने स्वच्छता, सुविधाओं एवं बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि कपाट खुलने से एक दिन पूर्व आज बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली धाम पहुंच रही है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में भक्ति एवं आस्था का वातावरण चरम पर है।
23 अप्रैल की प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट
ज्योतिर्मठ से आदि गुरु शंकराचार्य की डोली, प्रथम पड़ाव पांडुकेश्वर प्रस्थान हुई
21 अप्रैल को श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से पूजा-अर्चना पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य जी की पवित्र डोली एवं श्री गरुड़जी की उत्सव मूर्ति विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती की उपस्थिति में श्री बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान हुई । आज देव डोलियां पहले पड़ाव योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंच गयी। कपाट खुलने के अवसर हेतु केदारनाथ धाम रवाना हो चुके बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ से देवडोलियों के धाम प्रस्थान होने पर शुभकामनाएं दी है बताया कि धामों में यात्रा पूर्व तैयारियां पूरी की जा चुकी है।
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि ज्योर्तिमठ के विभिन्न स्कूलों के छात्रों के साथ समारोह पूर्वक देवडोलियां धाम के लिए प्रस्थान हुई तथा स्कूली बच्चों ने दो किमी मार्ग तक देवडोलियों का पुष्प वर्षा से भब्य स्वागत किया। इससे पहले बीते शनिवार को ज्योर्तिमठ में तिमुंडिया वीर पूजन तथा गरूड़ छाड़ मेले में आगामी बदरीनाथ यात्रा के सफल शुभारंभ हेतु आशीष मांगा गया।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बुधवार 22 अप्रैल को योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री उद्धव जी और श्री कुबेर जी, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे जबकि श्री गरूड़ जी आज 21 अप्रैल को ज्योर्तिमठ से बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे।
इसके पश्चात 23 अप्रैल की प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तेल कलश (गाडू घड़ा) के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे। तेल कलश 22 अप्रैल को बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी सहित, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी,नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह, एडवोकेट प्रकाश भंडारी,देवपूजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूदरी, सुभाष डिमरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी विवेक थपलियाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत, पुजारी सुशील डिमरी राम प्रसाद थपलियाल सहित मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी एवं महिला मंगल दल,हक-हकूकधारी उपस्थित रहे।