भाजपा मे मंत्री पद स्टेटस सिंबल नही, बल्कि सेवा पर आधारित: चौहान – News Debate

भाजपा मे मंत्री पद स्टेटस सिंबल नही, बल्कि सेवा पर आधारित: चौहान

सेवा और विकास कार्यों की बदौलत बढ़ा है जनता मे भाजपा के प्रति सम्मान

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव से कम समय पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विपक्ष के आरोप पूरी तरह से तर्कहीन हैं। भाजपा मे मंत्री पद सेवा के लिए होता है, जबकि कांग्रेस मे यह स्टेट्स सिंबल बन जाता है।

कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के कटाक्ष पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि जब मंत्रिमंडल का आकार कम था तब भी विकास कार्य द्रुत गति से जारी रहे और हर क्षेत्र मे विकास योजनाएँ संचालित हुई। इसका मुख्य कारण भाजपा सत्ता केंद्रित नही, बल्कि सेवा केंद्रित रही है। चौहान ने कहा कि जनता भाजपा के सदस्यों को सेवा और विकास कार्यों की बदौलत ही आशीर्वाद देती रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासित और जनता के लिए समर्पित दल है। पार्टी मे संस्कारों के कारण ही हर कार्यकर्ता कार्यकर्ता चाहे संगठन या सरकार मे मंत्री पद पर हो, लेकिन उसमे अहंकार का नाम नही होता। उन्होंने कहा कि स्टेट्स सिबल को कांग्रेस राज मे बंटी रेवड़ियों को लेकर कहा जा सकता है। कांग्रेस शासन मे मंत्री पद अथवा दायित्वधारी महज स्टेट्स सिंबल के लिए रहा है और उनका जन हित से कोई लेना देश नही रहा है।

चौहान ने कहा कि रानी पोखरी मे आबंटन को लेकर कांग्रेस भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दुष्प्रचार कर रही है। विस्थापितों को आबंटन भी जरूरी है और विकास कार्य भी जरूरी है। कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि भूमि पर आबंटन को लेकर उसकी मंशा क्या है। सभी कार्य विधि सम्मत ही होते हैं। जिन कार्यों के लिए लोगों के सामने विस्थापन की समस्या उत्पन्न हुई वह भी विकास परियोजना ही है। स्थानीय लोगों के हितों के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसमें राजनीति की कोई गुंजाइश नही है।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार कार्यों का आबंटन है और इससे कार्यों मे कई गुना रफ्तार बढ़ेगी। भाजपा मे व्यवस्थित रूप से सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जाता है और वह जनता के प्रति समर्पित होते है। उनको चुनाव मे कितना असर पड़ेगा यह कांग्रेस के बजाय जनता तय करेगी। कांग्रेस अभी तक 9 साल मे जनता से दूरी बनाकर सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार मे ही उलझी हुई है। जनता सब जानती है और उसे एक बार फिर 2027 मे झटका लगने वाला है। राज्य की बागडोर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मजबूत हाथों मे है और इस पर सवाल उठाना निरर्थक है।

 

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