संगठित गिरोह की खबर से सचेत हुआ सूचना विभाग, कई विभागों को लिखी चिट्ठी – News Debate

संगठित गिरोह की खबर से सचेत हुआ सूचना विभाग, कई विभागों को लिखी चिट्ठी

राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों ने दिया था शिकायती पत्र, राज्य मे सक्रिय है दलाल पत्रकार

सूचना ने जांच कर डीएम, एसएसपी और समाज कल्याण को भेजा पत्र

आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं मे दर्ज हैं मुकदमें

देहरादून। पत्रकारिता की आड़ मे प्रदेश मे कूटरचित दस्तावेजों के जरिये सरकारी विभागों को चूना लगाने के कई मामले सामने आ रहे हैं। एक ऐसे ही मामले मे प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों की शिकायत का गम्भीर संज्ञान लेते हुए राज्य सूचना विभाग ने देहरादून के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व समाज कल्याण विभाग (हल्द्वानी मुख्यालय) को शिकायत–पत्र भेजकर जांच की संस्तुति की है।

मामला तथाकथित पत्रकार विकास गर्ग से संबंधित है। विभाग को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि विकास गर्ग संगठित अपराधों में संलिप्त है तथा उसके विरुद्ध देहरादून में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके ऊपर देहरादून में मुकदमा संख्या 475/23, 601/23 और 6/2024, थाना नगर कोतवाली में पंजीकृत हैं।

आरोप है कि विकास गर्ग द्वारा सूचना विभाग को गलत और भ्रामक दस्तावेज़ सौंपकर विभाग को कथित रूप से गुमराह किया गया। इस संबंध में राज्य के राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकारों ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। विभाग के संज्ञान मे यह भी लाया गया है कि कुछ फर्जी प्रिंटिंग मशीनों के जरिये समाचार पत्र का प्रकाशन भी दिखाया जा रहा है। ऐसे समाचार पत्रों की जांच तथा विज्ञापन के रूप मे अर्जित धन की रिकवरी के लिए भी विभाग को ज्ञापन मे कहा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार सूचना विभाग मामले से जुड़े गलत भुगतान के अलावा फर्जी पत्रकारों की घुसपैठ को लेकर चिंतित है। ऐसे कुछ पत्रकारों ने कुछ अधिकारियों और नेताओं के यहां तार जोड़े हुए हैं। वहीं विभाग द्वारा की गयी एलआईयू जांच मे आरोपी की मान्यता भी समाप्त कर दी गयी है।

देहरादून में ब्लैकमेलिंग और संगठित अपराधों में लिप्त ऐसे ‘पत्रकारों’ के खिलाफ गुस्सा दिखाई देने लगा है। वरिष्ठ पत्रकारों ने ऐसे दलालों को ‘उपकृत’ करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। दलाल पत्रकार गिरोह चल रहे है। और कहीं देखे,सुने व नहीं पढ़े जाने वाले प्रदेश के अंदर और बाहर के ये दल्ले ‘पत्रकारिता’ की आड़ में मोटा माल भी काट रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि राज्य गठन के बाद जबर्दस्ती पत्रकार बने कई दलालों की पौ बारह आयी हुई है। ऐसे तत्वों ने कम समय में ही अकूत सम्पत्ति जोड़ ली है। ऐसे फर्जी पत्रकारों और अधिकारियों के गठजोड़ को बेनकाब करने के लिए राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों ने मोर्चा खोल दिया गया।

दलाली मे लिप्त ऐसे पत्रकारों के खिलाफ जल्द कारवाई नहीं होने और वरिष्ठ पत्रकार राज्यपाल व सीएम से भी शिकायत दर्ज कराएंगे। सूचना की कारवाई से तथाकथित पत्रकारों मे दहशत और हड़कंप है।

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