देहरादून। हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल के 106 वीं जयंती के अवसर पर चौपाल मे आयोजित गोष्ठी मे उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया और उनकी रचनाओं का वाचन किया गया। प्रकृति के चितेरे कवि के द्वारा हिन्दी साहित्य को सौंपी गई अमूल्य निधि पर काव्य गोष्ठी में वक्ताओं ने विचार प्रस्तुत किये।
काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष मनोहर सिंह रावत ने कहा कि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल और सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला एक समान कवि थे। जिस रोग से सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला पीड़ित थे उसी रोग से चन्द्र कुंवर भी पीड़ित थे। काव्य गोष्ठी मे मुख्य रुप से गिरधर पड़िंत व ड़ा पुष्पा खडूरी द्वारा हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्वाल के काव्य का वाचन किया गया।
काव्य गोष्ठी मे मुख्य वक्ता ड़ा. पुष्पा खण्डूरी, सुरेन्द्र कुमार, गिरधर पंड़ित, समर भण्ड़ारी, जगदीश कुकरेती, रानू बिष्ट, प्रेम सिंह दानू आदि थे।
इस अवसर पर विवेकानन्द खंडूरी, विरेद्र त्यागी, पूर्व प्रधानाचार्य गुणनन्द बलूनी, विनोद खंड़ूरी, पूर्व प्रधान ललित बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
काव्य गोष्ठी का संचालन संस्थान के उपाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने किया।