
चमोली। डीएम चमोली व आबकारी अधिकारी के बीच चल रही तनातनी ने अब नया मोड ले लिया है। कार्यालय से नदारद जिला आबकारी अधिकारी की राजस्व उप निरीक्षक ने गुमशुदगी दर्ज की है।
गौरतलब है कि जिले के दो शराब के ठेके बिना डीएम के संज्ञान में लाये आवंटित कर दिए थे। डीएम का कहना है कि सीधे आबकारी आयुक्त हरि सेमवाल से ठेकों का आवंटन कर दिया गया है। एक ओर आबकारी अधिकारी ने सीएम को पत्र लिखकर उत्पीड़न का आरोप लगाया तो वहीं डीएम संदीप तिवारी ने भी शासन को पत्र भेज आबकारी अधिकारी के निलंबन की संस्तुति की है।
सीएम से गुहार लगा चुके है आबकारी अधिकारी
डीएम और आबकारी अधिकारी की जंग सीएम तक पहुँच चुकी है। जिला आबकारी अधिकारी ने सीधे सीएम को पत्र भेज न्याय की मांग की है। पत्र में लिखा है कि डीएम ने 18 मार्च औऱ फिर 31 मार्च को मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और कैरियर बर्बाद करने की धमकी दी।
बताया जाता है कि शराब के ठेकों के व्यवस्थापन को लेकर डीएम ने आबकारी अधिकारी त्रिपाठी को बुलाया था ,लेकिन वे नहीं आये। यहीं से स्थिति तनावपूर्ण हुई। मंगलवार को डीएम ने आबकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम का कहना है कि शराब की दुकानों का आवंटन/व्यवस्थापन होना था। लिहाजा आबकारी अधिकारी के बैठक में नहीं आने पर कार्यालय का निरीक्षण किया तो वे गायब मिले। इसके अलावा सहायक लेखाकार धीरज भट्ट, और कनिष्ठ सहायक भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। डीएम ने जिला आबकारी अधिकारी व अन्य गायब दोनों कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश किये और आबकारी अधिकारी त्रिपाठी की सर्विस ब्रेक करने के साथ ही वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी।
हालांकि इस घटना के बाद आबकारी अधिकारी एसोसिएशन ने डीएम संदीप तिवारी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। मामले के अभी सुलझने के आसार नही लग रहे है। वहीं आबकारी एसोसिएशन की बैठकों का दौर जारी है।