शव ले जाने को एंबुलेंस के पैसे न होने का सीएम ने लिया संज्ञान, दिये निर्देश – News Debate

शव ले जाने को एंबुलेंस के पैसे न होने का सीएम ने लिया संज्ञान, दिये निर्देश

देहरादून। हल्द्वानी मे एंबुलेंस के लिए पैसे न होने पर शव को बहन द्वारा टैक्सी की छत पर ले जाने का सीएम ने संज्ञान लिया है और आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे व्यक्ति जो एंबुलेंस या अंतिम संस्कार का खर्चा वहन न कर सके उनके लिए जिलाधिकारी के स्तर से व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि जरूरतमंदों को समय पर एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करते हुए अविलम्ब इसकी एसओपी तैयार की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि अस्वस्थता के कारण किसी मृतक व्यक्ति के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारजनों के द्वारा मृतक के दाह संस्कार में कठिनाई व्यक्त करने पर इसके लिए आर्थिक सहायता अथवा मृतक व्यक्ति के दाह संस्कार की व्यवस्था संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी अपने स्तर से सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ऐसे परिवारों जिन्हें मृतक व्यक्ति के शव को उनके घर तक पहुंचाने के लिए आर्थिक समस्या हो रही हो, ऐसे व्यक्ति के शव को एबुलेंस के माध्यम से घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी जिलाधिकारी अपने स्तर से करेंगे।

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन चारधाम यात्रा के तहत उनके शीतकालीन स्थलों के पौराणिक महत्व एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा कि इन स्थलों का प्राचीन काल से ही अपना विशिष्ट महत्व रहा है और श्रद्धालु इन स्थलों पर देव दर्शन करते रहे हैं। इन शीतकाल स्थलों के दर्शन से भी वही पुण्य प्राप्त होता है, जो नियमित यात्रा के दौरान होता है। शीतकाल में श्री केदारनाथ की ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में, बदरीनाथ की पाण्डुकेश्वर और नर्सिंग मंदिर ज्योर्तिमठ में, यमुनोत्री के खरसाली और गंगोत्री के मुखवा में पूजा अर्चना होती है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन और उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

हल्द्वानी मे सामने आयी झकझोरने वाली घटना

रविवार को हल्द्वानी से एक हैरान और परेशान कर देने वाली घटना सामने आई। एक बहन को अपने भाई की लाश को एंबुलेंस से गांव तक ले जाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे तो बहन सवारी वाहन की छत में भाई के शव को बांधकर ले गई। दोनों भाई-बहन हल्द्वानी में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। गरीबी के कारण तमोली ग्वीर बेरीनाग, पिथौरागढ़ निवासी शिवानी हल्द्वानी में काम करने आई। वह हल्दूचौड़ में एक कंपनी में पिछले छह महीने से काम कर रही थी। घर में माता-पिता एक भाई और एक बहन थे। पिता बुजुर्ग होने के कारण पहाड़ में ही खेती बाड़ी कर गुजारा कर रहे थे। शिवानी ने घर में आमदनी का जरिया बढ़ाने के लिए अपने 20 वर्षीय भाई अभिषेक को भी कंपनी में काम करने के लिए बुला लिया। अभिषेक ने हल्दूचौड़ स्थित कंपनी में नौकरी शुरू की और दोनों भाई-बहन एक ही कंपनी में नौकरी करने लगे। मृतक की बहन शिवानी के अनुसार शुक्रवार सुबह वह और भाई दोनों कंपनी में गए थे। इस दौरान उसका भाई सिर में दर्द होने के कारण कंपनी से छुट्टी लेकर वापस कमरे में चला गया। बहन जब ड्यूटी से कमरे पर लौटी तो भाई को खाना खाने के लिए फोन किया। लेकिन कुछ घंटे बाद जब भाई नहीं आया तो शिवानी ने फिर फोन किया। लेकिन भाई अभिषेक ने फोन नहीं उठाया। शिवानी, अभिषेक के कमरे पर पहुंची तो कमरे में कोई नहीं था। कमरे में अजीब दुर्गंध आ रही थी. घर पर स्कूटी भी नहीं थी।

शिवानी ने इसकी सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद पुलिस और शिवानी ने अभिषेक की खोजबीन शुरू की। कुछ देर बाद हल्दूचौड़ स्थिति स्वास्थ्य केंद्र के पहले अभिषेक स्कूटी के साथ सड़क पर गिरा हुआ बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस अभिषेक को सुशीला तिवारी अस्पताल में लेकर गई. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार को शव का पोस्टमॉर्टम हुआ तो उधर घर पर सूचना के बाद रिश्तेदार भी बेरीनाग से हल्द्वानी पहुंच गए। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया. लेकिन शिवानी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह भाई के शव को एंबुलेंस से घर ले जा सके। उसने एंबुलेंस संचालकों से बातचीत की तो किसी ने 10 तो किसी ने 12 हजार रुपए शव ले जाने के लिए मांगे। शिवानी ने पैसे की कमी के कारण अपने गांव के टैक्सी संचालक से संपर्क किया. इसके बाद शव को टैक्सी के ऊपर बांधकर बेरीनाग ले जाया गया।

घटना के बाद विभागीय अधिकारी ऐसे मामले मे फंड न होने की बात कहने लगे तो यह भी सामने आया कि अस्पताल के पास एंबुलेंस नही है।

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