कोटद्वार(चन्द्रपाल सिंह चन्द)। नशामुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के तहत राजकीय महाविद्यालय जयहरीखाल में एंटी ड्रग सेल द्वारा विचार गोष्ठी आयोजित की गयी।गोष्ठी में उपस्थित छात्र छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव बताते हुए उन्हें नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई गयी।
गुरुवार को भक्त दर्शन राजकीय महाविद्यालय जयहरीखाल में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रो. लवनी आर राजवंशी द्वारा छात्रों को नशा मुक्त भारत अभियान के विषय में विस्तार से जानकारी देकर किया गया। प्राचार्य राजवंशी ने अपने संबोधन में छात्रों को बताया गया कि मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या से निपटने और भारत को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से विगत 15 अगस्त वर्ष 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की शुरुआत की गई थी। इसके तहत देश में नशीली दवाओं के उपयोग के मामले में सबसे अधिक संवेदनशील 272 जिलों की पहचान की गई है।
महाविद्यालय के एंटी ड्रग सेल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र कुमार सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि देश में नशीली दवाओं की लत एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। खासकर युवा पीढ़ी में, जिसके कारण न केवल नशीली दवाओं का सेवन करने वाले व्यक्ति पर बल्कि पूरे परिवार और समाज पर भी खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के कारण अपराध दर में वृद्धि हुई है तथा समाज पर इसका समग्र रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ा है। गोष्ठी में उपस्थित छात्र छात्राओं को अधिक से अधिक की नशा मुक्त भारत अभियान ई -शपथ प्रमाण डाउनलोड करने हेतु प्रेरित किया गया। इसके उपरांत उपस्थित सभी छात्र -छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स व एनएसएस स्वयंसेवक को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई गई।
गोष्ठी का संचालन एंटी ड्रग सेल के वाणिज्य विभाग प्राभरी डॉ. वरुण कुमार, विज्ञान संकाय प्रभारी डॉ. प्रीति रावत, व कला संकाय प्रभारी डॉ. वंदना ध्यानी बहुगुणा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, उपाधिकारी एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान शपथ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया।