राजस्व संवर्द्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को किया निर्देशित
पौड़ी(चन्द्रपाल सिंह चन्द)। राजस्व संवर्द्धन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली में प्रगति लाना सुनिश्चित करें।
सोमवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने खनन अधिकारी द्वारा खनन स्थलों का नियमित रूप से निरीक्षण नहीं करने पर स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं, राज्य कर कोटद्वार द्वारा पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष कम राजस्व प्राप्त होने पर स्पष्टीकरण लिया। बैठक में जिलाधिकारी ने दोनों विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वह गंभीरता से कार्य करना सुनिश्चित करें। राज्य कर कोटद्वार द्वारा पिछले वित्तिय वर्ष में 56.72 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया था और इस वित्तीय वर्ष में 53.42 ही राजस्व प्राप्त किया है।
जिलाधिकारी डॉ. चौहान ने परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान आरटीओ को सीज वाहनों को रखने के लिए भूमि चयनित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन अधिकारी से कहा कि प्रगति बढ़ाते हुए राजस्व वसूली में और तेजी लाना सुनिश्चित करें व नियमित रूप से चैकिंग अभियान चलाएं। उन्होंने एआरटीओ कोटद्वार को कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत पंजीकृत व गैर पंजीकृत ट्रैक्टरों की संख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी अधिकारी को निर्देश दिये कि जिन दुकानों के स्वामियों द्वारा राजस्व जमा नहीं किया है उनसे समय पर राजस्व प्राप्त करें। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को विद्युत चोरी का समय समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं।
बैठक में समस्त उप जिलाधिकारियों को अवैध खनन रोकने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि खनन विभाग के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जहां अवैध खनन की संभावनाएं हैं उन क्षेत्रों में छापेमारी के दौरान कोई पकड़ में आता है तो सख्त कार्यवाही अमल में लाएं।
परिवहन विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 43081 वाहनों की चैकिंग की गई। जबकि कुल 8123 वाहनों के चालन कर 291 वाहन सीज किये गए हैं। वहीं खनन विभाग व राजस्व विभाग द्वारा खनन स्थलों पर 181 छापेमारी की कार्यवाही की गई है।
बैठक में उप जिलाधिकारी कोटद्वार सोहन सिंह सैनी, आरटीओ द्वारीका प्रसाद, खनन अधिकारी राहुल नेगी, एसडीओ वन विभाग आईशा बिष्ट, खाद्य अभिहित अधिकारी अजब सिंह रावत, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।