देहरादून। चर्चित अंकिता भंडारी मामले मे मां के वॉयरल वीडियो और पिता के डीएम पौड़ी को लिखे पत्र के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। परिजनों ने सोमवार को पौड़ी कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
शनिवार को अंकिता की मां का शोसल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे वह कथित वीआईपी को लेकर एक भाजपा नेता का नाम ले रही है। वहीं उन्होंने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट और जेसीबी चालक को सुबूत मिटाने के मामले मे भी गुनाहगार बताया।
रविवार को अंकिता के पिता के पत्र को आधार बनाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा पर सरकार पर निशाना साधा है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने आरोपित नेता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। माहरा ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी सार्वजनिक मंचों से कांग्रेस के नैतिक बल में कमी होने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं,यदि मुख्यमंत्री में स्वयं में नैतिक बल है तो अंकिता भंडारी के पिता ने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर जो गंभीर आरोप लगाए हैं उनकी व्यापक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने का साहस दिखाएं।
माहरा ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में रेप की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले मे एफआईआर के लिए पीड़ित के पिता को भटकना पड़ा। वहीं एक पूर्व द्वाराहाट विधायक के मामले मे उन्होंने कहा कि पीड़ित को न्याय नही मिला। महिला ने अपनी बच्ची के पिता होने का गंभीर आरोप लगाया और डीएनए जांच की मांग की, लेकिन प्रचंड बहुमत की सरकार होते हुए भी भाजपा सरकार ने उस मातृशक्ति की एक नहीं सुनी और डीएनए जांच की बात ठंडे बस्ती में चली गई। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी 2024 को एक ओर जहां कांग्रेस के नेता राहुल गांधी मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा का शुभारंभ करेंगे वही उत्तराखंड कांग्रेस 14 जनवरी से लेकर 16 जनवरी तक तीन दिन ब्लॉक और बूथ स्तर पर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा का आयोजन करेगी।
निराशा और हताशा के परिणाम है कांग्रेस के अमर्यादित बोल: चौहान
भाजपा ने दी कानूनी कार्यवाही की चेतावनी
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस द्वारा उसके नेताओं पर अनर्गल आरोप और अमर्यादित बोल को लगातार मिल रही हार और खीज का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निम्न स्तर की राजनीति कर रही है।
चौहान ने कहा कि अंकिता हत्याकांड मे कांग्रेस को न दिवंगत बेटी अंकिता और न ही उस परिवार से कांग्रेस को कोई लेना देना है, बल्कि वह शुरुआत से ही किसी न किसी तरह इसके जरिये भाजपा नेताओं को निशाने पर लेकर दुष्प्रचार को हवा दे रही है। उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व मे अंकिता के परिजनों द्वारा कांग्रेस की हर सुझाव को ठुकराने के बाद एकाएक वह कैसे चरित्र हनन की राजनीति पर उतारू हो गयी। कांग्रेस ने पहले भी यात्रा निकाली और तब उसे न अंकिता के परिजनों ने शिरकत की और न ही उसे स्थानीय स्तर पर कोई सहयोग मिला। कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा गुस्से मे गढवाल की जनता पर थूक बैठे।
इस बार अंकिता के परिजनों के द्वारा आवेश मे कुछ आरोपों को ढाल बनाकर कांग्रेस अब भाजपा के नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र कर उनके खिलाफ चारित्रिक रूप से बदनाम करने की साजिश कर रही है। हालांकि अंकिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए जांच एजेंसियों ने कोई कसर नही छोड़ी है। वहीं परिजनों के साथ भी प्रशासन से लेकर सीएम स्तर तक संवाद बना हुआ है। परिजनों के द्वारा अब तक जिस तरह से जांच मे सहयोग की मांग की गयी उसे समय पर पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि परिजनों के द्वारा जो भी आरोप लगाए गए जिन्हे आधार बनाकर कांग्रेस हवा दे रही है, असल मे वह आवेश मे कही गयी बात है। एक कथित एक्टिविस्ट के समर्थन मे वह अपनी बात पहुँचाते हुए यहाँ तक पहुँच गयी। अगर कांग्रेस उस वीआईपी को जानती थी तो बार बार नाम के उल्लेख करने की मांग पर बैक फुट पर क्यों आयी। कांग्रेस कहीं न कहीं अंकिता के परिजनों को आगे कर भाजपा के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन मे नैतिकता और मर्यादा की सीख देने वाली कांग्रेस इस मामले मे हमेशा उपदेशक ही रही है। उनके नेता राहुल गलत बयानी के आधार पर अभी पूरी तरह से राहत नही पा सके हैं और राज्य मे कांग्रेस के ऐसे दर्जनों किस्से उसके खाते मे है।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा को कंफ्यूजड नेता करार देते हुए कहा कि वह बताये कि वह मूल निवास के मुद्दे पर आंदोलनकारियों का समर्थन करने की बात कहकर अब इससे मुकरने और रिसर्च की बात क्यों कर रहे हैं? उल्टा भाजपा पर आरोप लगा रहे है। कांग्रेस के नेता एक ओर ओर तथा पूरी कांग्रेस दूसरी ओर है। जहाँ तक भाजपा का सवाल है तो पार्टी स्पष्ट कर चुकी है कि सख्त भू कानून तथा मूल निवास पर भाजपा ही जनपक्षीय निर्णय लेगी।
उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि बिना सुबूत उनके नेताओं के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाने पर पार्टी कानूनी कार्यवाही का रास्ता तलाशेगी। जनता की अदालत से किनारे कर दी गयी कांग्रेस को अपने हद मे रहने की जरूरत है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के मजबूत इरादों से राज्य मे भय और भ्रष्टाचार समाप्ति की ओर है और अंकिता ही नही, बल्कि हर बेटी राज्य की जिम्मेदारी है। राज्य मे कानून का राज है और कांग्रेस को इस गलतफहमी से जल्द निजात मिलने वाली है।