संरक्षण गृह की किशोरी से रेप के मामले मे अनुसेवक सस्पेंड,महिला होमगार्ड रिलीव – News Debate

संरक्षण गृह की किशोरी से रेप के मामले मे अनुसेवक सस्पेंड,महिला होमगार्ड रिलीव

देहरादून। हल्द्वानी के संरक्षण गृह में रह रही नाबालिक किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले मे दो महिला कर्मियों पर कार्यवाही की गयी है। महिला और बाल विकास मंत्री ने मामले का संज्ञान लिया है।

महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि हल्द्वानी के संरक्षण गृह में रह रही नाबालिक किशोरी के कथन का मामले में तत्काल प्रभाव से दीपा आर्या, अनुसेवक, जिला शरणालय एंव प्रवेशालय, हल्द्वानी को आरोपों के आधार पर तत्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया गया है। वहीं महिला कल्याण एवं पुर्नवास केन्द्र, हल्द्वानी में होमगार्ड विभाग के माध्यम से तैनात गंगा को तत्काल प्रभाव से विभाग को वापस किया गया है। उस पर विभाग अपने स्तर से कार्यवाही करेगा।

प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण विशेष की निष्पक्ष विभागीय जांच हेतु दो सदस्य समिति का गठन कर दिया गया है। विभाग द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया है जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हल्द्वानी के बाल संप्रेक्षण गृह की दो महिला कर्मियों पर सर्वेक्षण गृह में रह रही नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करवाने के  आरोप मे मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला कर्मचारी किशोरी को बाहर ले जाती थीं और उसके साथ दुष्कर्म होता था। मामले में बाल कल्याण समिति के सदस्य रविंद्र रौतेला की तहरीर पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने दोनों महिला कर्मचारियों के विरुद्ध शुक्रवार देर रात दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि बाल कल्याण समिति के लोगों ने पीड़ित किशोरी से इस मामले में बातचीत की थी। बातचीत में किशोरी द्वारा अपने साथ हुई घटना को बताया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

दुष्कर्म मामले मे कांग्रेस के तीखे तेवर, कहा हल्द्वानी में तीन महिने में तीन बडी घटनाएं – प्रशासन मौन 

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी ने आज महिला उत्पीडन के बढते मामलो को लेकर पत्रकार वार्ता कर भाजपा सरकार को आड़े हाथो लिया।
दसौनी ने कहा कि लगातार प्रदेश में महिला उत्पीडन के मामले सामने आने के बावजूद राज्य की प्रंचड बहुमत की धामी सरकार कुम्भकरण की नींद में सोई हुई है। दसौनी ने तीन महिनों में ही हल्द्वानी के तीन बडे प्रकरण पत्रकार वार्ता के दौरान साझा किए। दसौनी ने कहा कि अगस्त माह में हल्द्वानी जेल में 55 कैदिंयों के एचआईवी संक्रमित होने की बात से भी शासन प्रशासन हरकत में नही आया। अक्टूबर माह में काठगोदाम स्थित मूकबधिर और दृष्टिबाधित बच्चों की आवासीय संस्था में मासूम बच्चों के साथ वर्षो से हो रहे यौन शोषण के खुलासे ने पूरे उत्तराखण्ड को झकझोर कर रख दिया। बोलने सुनने और देखने में प्राकृतिक रूप से असमर्थ मासूर बच्चों ने अपनी ही संस्थापक पर यौन उत्पीडन का आरोप लगाया। संस्था का संचालक श्याम सिंह धनक संस्था में पढ़ रहे 113 छात्र-छात्राएं जिन सभी की उम्र 18 साल से कम बताई जा रही है उनके साथ दुष्कर्म करता रहा, बडे बडे नेता और अधिकारी वीआईपी बनकर संस्था में सैर करते रहे।

हल्द्वानी के संरक्षण गृह में एक नाबालिग बच्ची के साथ बीते कई दिनों से दुष्कर्म हो रहा था, और इस घृणित कृत्य को अंजाम दे रही थी। सरक्षण गृह में कार्यरत दो महिलाएं जिन्होने मातृशक्ति को शर्मशार कर दिया। दसौनी ने कहा कि सभी घटनांए मात्र तीन चार महिने के अन्दर घटित हुयी हैं, और धामी सरकार के बेटी बचाओं बेटी पढाओं एवं महिला सशक्तिकरण के बडे बडे दावों पर करारे तमाचे की तरह हैं।

 

 

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