पौड़ी/ देहरादून। कोटद्वार में बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस जांच में आरोपियों के दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी संगठित रूप से गिरोह बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली कोटद्वार पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार तीन जुलाई 2026 को कोटद्वार निवासी उमेश चंद्र बमोला ने अपने बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच जुलाई को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफ उर्फ अमन उर्फ भूरा निवासी दिल्ली, काशिफ उर्फ नन्हे निवासी दिल्ली, आमिर निवासी बरेली, मोहित निवासी दिल्ली और आरिफ निवासी दिल्ली के रूप में हुई थी। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को जिला कारागार पौड़ी भेज दिया गया था।
पुलिस ने पूछताछ के साथ आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला तो दिल्ली के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा थाना किच्छा, ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में भी नकबजनी की घटना में आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर कई मुकदमे दर्ज हैं।
गिरोह बनाकर वारदात करने के आधार पर कार्रवाई
जांच में आरोपियों के एक साथ मिलकर गिरोह बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने उनका गैंग चार्ट तैयार किया। पुलिस की ओर से सात अक्तूबर को गैंग चार्ट अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी पौड़ी को भेजा गया। जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद कोतवाली कोटद्वार पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी वर्तमान में जिला कारागार पौड़ी में निरुद्ध हैं। पुलिस ने कहा कि संगठित रूप से अपराध करने वाले आरोपियों के खिलाफ आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।