विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले ग्यारहवें ज्यातिर्लिंग बाबा केदार के कपाट – News Debate

विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले ग्यारहवें ज्यातिर्लिंग बाबा केदार के कपाट

सीएम ने की मोदी के नाम पहली पूजा, सेना के हेलिकॉप्टर ने बरसाये फूल

चमोली। करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सीएम पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साक्षी बने। सीएम धामी ने मंदिर में पहली पूजा की। कपाट खुलने को लेकर देश-विदेश से पहुंचे भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। बाबा केदार के जयकारों से धाम भक्तिमय हो गया। सेना के हेलिकॉप्टर ने फूल बरसाये।

सीएम धामी ने पीएम मोदी के नाम से भगवान केदारनाथ की पहली पूजा की। लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। कपाट खुलने की प्रक्रिया आज सुबह पांच बजे से शुरू हुई। सुबह सात बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा, धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

केदारनाथ धाम को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में ग्यारहवें ज्यातिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। ग्रीष्मकाल के छह माह नर तो शीतकाल के छह माह में देवता भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। केदारनाथ धाम उत्तराखंड के चार धामों में से एक और पंच केदार में प्रथम केदार के रूप में पूजा जाता है. शीतकाल में केदारनाथ धाम में बर्फबारी होने के बाद कपाट छह माह के लिये कपाट बंद हो जाते हैं. शीतकालीन पूजा-अर्चना शीतकालीन गददीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में संपन्न की जाती है।

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