देहरादून। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति ने ने पद्म विभूषण, पद्म भूषण सहित 131 पुरस्कारों की स्वीकृति दे दी है। सूची मे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का नाम भी शामिल है। उत्तराखंड बीजेपी के दिग्गज नेता, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान पब्लिक अफेयर्स के क्षेत्र में उनके लंबे, समर्पित और प्रभावशाली योगदान के लिए दिया जा रहा है। इस साल देशभर से पांच महानुभावों को पद्म विभूषण, 13 लोगों को पद्म भूषण और 113 व्यक्तियों को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई है।
भगत सिंह कोश्यारी का जन्म उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक साधारण किसान परिवार मे हुआ। कोशियारी ने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और शिक्षक के रूप में भी कार्य किया। वह छात्र जीवन से ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। कोश्यारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी के साथ की। आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और जेल भी गए। यही दौर उनके राजनीतिक व्यक्तित्व की मजबूती कर लिए अहम रहा। भगत सिंह कोशियारी को उत्तराखंड भाजपा के मजबूत और लोकप्रिय नेता माना जाता है।
कोशियारी को सम्मान उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर हर्ष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री भगत सिंह कोश्यारी जी को पद्म भूषण सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। यह सम्मान उनके संपूर्ण सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा और समाजहित के प्रति समर्पण का यथोचित सम्मान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोश्यारी जी का संपूर्ण सार्वजनिक जीवन सादगी, सिद्धांतनिष्ठा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा है। अपने दीर्घ राजनीतिक जीवन में उन्होंने सदैव जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उत्तराखंड सहित देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष, मूल्यों की राजनीति और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, सामाजिक समरसता के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए उनके प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणास्तंभ हैं। कोश्यारी ने अपने कार्यों और विचारों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश को दिशा देने का कार्य किया है। उनका अनुभव, दूरदृष्टि और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
