देहरादून। चुनाव से एन पहले भाजपा कांग्रेस मे जोर आजमाइश के खेल शुरू हो गया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड मे सरकार द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा हो चुकी है, लेकिन विपक्ष भाजपा नेताओं को लगातार निशाने पर ले रहा है। कांग्रेसियों ने शनिवार को उत्तरकाशी मे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का घेराव किया तो गोपेश्वर मे सांसद चैंपियन ट्राफी का उद्घाटन भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को काले झंडे दिखाये। लगातार हमलो से आहत भाजपा ने इसे प्रदेश का माहौल खराब करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह आचरण अलोकतांत्रिक है और कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकर्ताओ को समझाने की जरूरत है।
महेंद्र भट्ट जिला मुख्यालय गोपेश्वर में सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का शुभारम्भ करने पहुंचे थे। अंकिता भंडारी हत्याकांड, मनरेगा समेत अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने गोपेश्वर डिग्री कॉलेज गेट पर उनका जमकर विरोध किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की देखने को मिली। जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इससे पहले शनिवार को उत्तराकाशी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम से लौटते वक्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका काफिला रोककर काले झंडे दिखाए थे। कृषि मंत्री गणेश जोशी उत्तरकाशी के गंगोरी क्षेत्र में आयोजित “सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
टकराव की राजनीति कर प्रदेश का माहौल खराब करना चाहती है कांग्रेस : चौहान
स्वस्थ परंपरा के विपरीत अराजक आचरण से क्या संदेश देना चाहती है कांग्रेस?
भाजपा ने कांग्रेस पर प्रदेश मे वातावरण खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह टकराव की राजनीति को प्रश्रय दे रही है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने चेताया कि जिस तरह मंत्रियों और पार्टी नेताओं के कार्यक्रमों को बाधित करने का प्रयास हो रहा है वह स्वस्थ लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस के बड़े नेताओं को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ख्याल रखते हुए अपने कार्यकर्ताओं को यह बात समझानी चाहिए।
भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए हाल फिलहाल में कांग्रेस द्वारा पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आदि के प्रवास कार्यक्रमों में हंगामे की कोशिश की कड़े शब्दों में निंदा की है। चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और विरोध अभिव्यक्ति का अधिकार सभी को है, लेकिन यह सब मर्यादा के दायरे मे होना चाहिए। किसी के विरोध प्रदर्शन के नाम पर रास्ता बाधित करना, कार्यक्रम में हंगामा करना, बेहद आपत्तिजनक प्रदर्शन या जानबूझकर टकराव की स्थिति उत्पन्न करने को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है। क्योंकि जो लोकतंत्र उन्हें अपने राजनैतिक कार्यक्रम करने का अधिकार देता है, वहीं सभी लोगों के पास है। कांग्रेस पार्टी के ऐसे कृत्यों से भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त नाराजगी है, लेकिन वे अनुशासन से बंधे हैं।
चौहान ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से हताश निराश कांग्रेस पार्टी, प्रदेश का माहौल खराब करने की कीमत पर भी वापसी की इच्छुक है। यही वजह है कि प्रदेश में टकराव की राजनीति को बढ़ावा देने का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष घटनाओं को अंजाम दे रही है। कानून उल्लंघन की इन घटनाओं में वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ जनता को भी कसूरवार बना रही हैं । उनकी कोशिश रहती है कि किसी भी तरह से बड़ी अराजक घटना को अंजाम देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जाए।
चौहान ने काग्रेस को सलाह दी कि वे अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में लेने या अराजक स्थिति पैदा करने से रोकें। अनुशासन से बंधे भाजपा के कार्यकर्ता कांग्रेस के इस आचरण का जवाब दे सकते हैं। सार्वजनिक मंच पर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती है। भाजपा महज चुनाव तक सीमित दल नही, बल्कि पार्टी पूरे साल जनता के बीच उपस्थिति दर्ज कराती है। कांग्रेस को विरोध प्रदर्शन शालीनता और कानून के दायरे में रहकर करना चाहिए। मात्र चुनावी दृष्टि से की जा रही ऐसी विपक्षी हरकतों को जनता भी देख रही है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से उनका ज़बाब देगी।
