यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले – News Debate

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले की जांच अब एसआईटी के हवाले

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी मे होगी जांच

जांच होने तक आयोग घोषित नही करेगा रिजल्ट

देहरादून। यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले की जांच अब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एसआईटी करेगी। एसआईटी को एक महीने के अंदर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। वहीं जांच पूरी होने तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि कहा कि इस घटना के बाद खामियों को और दुरस्त किया जायेगा।  राज्य सरकार यह नहीं चाहती कि युवाओं के साथ किसी तरह का धोखा हो। जिन लोगों ने भी यह षडयंत्र किया है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर ऐसे किसी भी मामले की जानकारी किसी भी व्यक्ति के पास है तो वह राज्य सरकार, शासन और पुलिस से जानकारी साझा कर सकता है।

पुलिस ने अब तक मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए मास्टर माइंड खालिद को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं  खालिद की बहनों को भी हिरासत में लिया है। हालांकि बाद में एक बहन साबिया का गिरफ्तार कर लिया था। जांच में सामने आया कि पेपर आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज बहादरपुर जट हरिद्वार से लीक हुआ था। इस सेंटर पर खालिद भी एग्जाम देने गया था।

जांच में ये सामने आया कि जिस केंद्र में खालिद परीक्षा दे रहा था, उस केंद्र में कुल 18 कमरे थे और केंद्र में परीक्षा के लिए कुल 15 जैमर लगे थे, लेकिन कमरा नंबर 9, 17 और 18 में जैमर नहीं लगे हुए थे। इन्हीं में से एक कमरा नंबर 9 में खालिद परीक्षा दे रहा था. इसी कमरे से बैठकर खालिद ने किसी डिवाइस से परीक्षा के तीन पेज अपनी बहन साबिया को भेजे थे और साबिया ने प्रोफेसर सुमन चौहान को भेजे थे।

वर्तमान समय में खालिद और उसकी दोनों बहनें पुलिस की गिरफ्त में हैं. हालांकि, खालिद का मोबाइल गायब है। पुलिस ने बताया था कि इस मामले के बाहर आने के बाद खालिद लखनऊ भाग गया था। हालांकि, वहीं से लौटते समय पुलिस ने उसे हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। पुलिस को खालिद के मोबाइल की तलाश है। पुलिस को उम्मीद है कि खालिद के मोबाइल से कई राज खुल सकते हैं।

गौरतलब है कि यूकेएसएसएससी पेपर से ठीक पहले 20 सितंबर शनिवार की रात को पुलिस ने नकल माफिया हाकम सिंह और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने कुछ अभ्यार्थियों को एग्माज में पास कराने का झांसा दिया था और उनसे 15-15 लाख रुपए लाख की डिमांड की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *