चमोली। प्रदेश मे आयी आपदा ने कैसे जख्म दिये उसकी डरावनी और रुलाने वाली तस्वीर सामने आ रही है। चमोली जिले के नंदानगर के कुंतरी लगा फाली गांव मे रेस्क्यू दलों ने जमींदोज मकान से पिता को तो जीवित निकाल लिया, लेकिन उसकी यह खुशी कुछ देर तक ही रही। पिता को मिला ताउम्र न भूलने वाला दर्द उस समय मिला जब मलवे मे माँ की छाती से लिपटे जुड़वा बच्चे मिले। दिल दहलाने वाला मंजर देख पूरा गाँव रो पड़ा।
चमोली नंदानगर की आपदा ने कई घर उजाड़ दिए। मलबे में लापता लोगों की तलाश की जा रही है और अभी तभी तीन शव मिले हैं। दोनों जुड़वा बच्चे अपनी मां की छाती से चिपके थे। अकाल मौत को प्राप्त यह कुंवर सिंह का परिवार था। 16 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बाद उन्हें जिंदा निकाला गया।
मलबे से मां और दो बच्चों के शव निकाले गए तो गांव का हर शख्स इस दिल दहलाने वाले मंजर को देखकर रो पड़ा। फाली लगा कुंतरी के बलवंत सिंह का एक बेटा परिवार के साथ दूसरे शहर में रहता है और दूसरा पुत्र कुंवर सिंह, पत्नी और जुड़वा बेटों के साथ गांव में रहते थे। उन्होंने मजदूरी करके अपना घर बनाया।
दोनों बच्चे विकास और विशाल (10 साल) सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ते थे। बृहस्पतिवार तड़के पूरा परिवार कुंवर, पत्नी कांति देवी और बच्चे घर में सो रहे थे। तभी आपदा आई और पूरा घर मलबे में दब गया। सुबह जब राहत और बचाव कार्य शुरू शुरू हुआ तो मकानों से मलबा हटाने पर बचावकर्मियों को एक घर से किसी की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने रोशनदान से कमरे में देखा तो कुंवर सिंह के अंदर होने का पता चला।
शाम करीब छह बजे कुंवर सिंह को बाहर निकाल लिया गया। कमरे में कुंवर सिंह का आधा शरीर मलबे में दबा हुआ था। चेहरे पर भी मिट्टी जमा थी, लेकिन रोशनदान से उन्हें सांस लेने में मदद मिलती रही। कुंवर सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।