उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में मलबा आने से बनी झील से राहत की खबर आयी है। झील के एक हिस्से को खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी, एसडीआरएफ, सिंचाई विभाग और अन्य सम्बंधित एजेंसियां जुटी हैं। पिछले एक घंटे में झील के जलस्तर में लगभग 2 फुट तक कमी आई है।
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में नदी के एक हिस्से से पानी की निकासी हो रही है। दलदल होने के कारण चैनेलाइजेशन अभी संभव नहीं हो पाया है। राहत और बचाव दलों द्वारा अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों से धैर्य बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरफ, फायर तथा सिंचाई विभाग की टीम राफ्ट के जरिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच गई हैं।
वहीं मलबा आने से निर्मित झील को जल्द से जल्द खोलने हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन, पीडबल्यूडी की टीमें मौके पर मौजूद हैं। पूरे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। उत्तरकाशी जनपद के जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य भी मौके पर मौजूद हैं। स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद हैं।
जिलाधिकारी श्री प्रशांत आर्य ने स्यानाचट्टी के लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। जल्द ही झील के पानी की निकासी कर दी जाएगी। प्रशासन द्वारा लोगों के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं।
गुरुवार को बनी झील से जलमग्न हो गयी थी स्यानाचट्टी
स्यानाचट्टी के समीप कुपड़ा खड्ड में मलबा और बोल्डर आने के कारण यमुना नदी का जल प्रवाह रुकने से बनी झील का एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया। बृहस्पतिवार को दोबारा कुपड़ा खड्ड में साफ मौसम में बोल्डर और मलबा आने से जल प्रवाह को रोक दिया। करीब 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी झील का जलस्तर बढ़ने के कारण स्यानाचट्टी कस्बे में पानी भर गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने वहां पर होटल और आवासीय भवन खाली करवाए.
दूसरी ओर उसके नीचे कुथनौर सहित खरादी में मौजूद लोग भी अपने गांवों की ओर चले गए। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी पर बना मोटर पुल भी झील के जलस्तर में डूबने से कारण प्रशासन और राहत बचाव के लिए पहुंची एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें खरादी में फंस गयी थी।