देहरादून। सचिवालय मे वरिष्ठ आईएएस मीनाक्षी सुंदरम और बेरोजगार संगठन के अध्यक्ष बॉबी पँवार के बीच हुए विवाद मे भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन मे नैतिक मापदंडों का पालन होना चाहिए। किसी जानकारी के लिए संविधान ने सूचना का अधिकार मुहैया कराया है और अधिकारियों पर अनुचित दबाव ठीक नही। वहीं कांग्रेस ने सधी टिप्पणी करते हुए यूपीसीएल मे एमडी के सेवा विस्तार पर सरकार को घेरा तो विवाद की जांच की मांग और एक तरफा कार्यवाही का विरोध किया है।
उच्चाधिकारी अभद्रता प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण, सार्वजनिक जीवन मे शालीनता जरूरी: भट्ट
भाजपा ने उच्च अधिकारी अभद्रता प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सार्वजनिक जीवन में शालीनता बरतने की जरूरत बताई है। वहीं विपक्ष से भी इस संवेदनशील एवं गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने वरिष्ठ नौकरशाह के साथ सामने आई इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतान्त्रिक प्रक्रिया के लिए गलत परम्परा बताया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में अब तक जो भी तथ्य सामने आए हैं उसमे यह भी अहम है कि यदि किसी को जरूरी जानकारी चाहिए तो उसके लिए संविधान में सूचना का अधिकार दिया गया है। लेकिन किसी भी विभाग में अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाना और आपत्तिजनक व्यवहार को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है। प्रशासनिक एवं कार्मिक इकाईयों का भयमुक्त होकर कार्य करना बेहद जरूरी है, लिहाजा यदि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या आपराधिक कृत्य हुआ है तो उसकी विस्तृत जांच आवश्यक है । हमे उम्मीद है कि कानूनी परिपाटी पर आगे बढ़ते हुए सभी के साथ पूरा पूरा न्याय होगा ।
जहां तक प्रश्न किसी भी जनप्रतिनिधि या सामाजिक, राजनैतिक व्यक्ति के अधिकारों की बात है तो ऐसे सभी लोगों को अपने कर्तव्यों एवं नैतिकता के पालन पर भी ध्यान रखने की जरूरत है। सार्वजनिक जिंदगी में सभी को शालीनता, अनुशासन एवं सामाजिक प्रोटोकॉल को भी अपने व्यवहार में अपनाना चाहिए।संवैधानिक प्रक्रिया में किसी को भी जनहित के मुद्दे की आड़ में अभद्रता या कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
भट्ट ने अधिकारी के साथ अभद्रता पर आरोपी के पक्ष में कांग्रेस नेताओं के बयानों को राजनीति से प्रेरित बताया है। कांग्रेस इस मुद्दे की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को दरकिनार कर ब्यूरोक्रेसी एवं सिस्टम में कार्यरत लोगों का हौसला तोड़ना चाहती है। उनके मुद्दाविहीन नेता प्रत्येक विषय को राजनैतिक चश्मे से देखते हैं और हमेशा नकारात्मक रुख अपनाते हैं। भाजपा सरकारी ऑफिस या सड़क कहीं भी इस तरह की घटनाओं के पक्ष में नहीं है। साथ ही विपक्ष एवं सभी पक्षों से भी समझदारी से समाज हित में साकारात्मक रुख अपनाने की अपील करती है।
अनिल यादव को दूसरी बार दो साल का सेवा विस्तार किस आधार पर: धस्माना
कांग्रेस ने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है और भ्रष्टाचारी अधिकारियों को भाजपा सरकार का संरक्षण है इसीलिए राज्य की भाजपा सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एम डी अनिल यादव को दूसरी बार सेवा विस्तार देना राज्य में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को दर्शाता है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री धस्माना ने कहा कि जिस अधिकारी के ऊपर आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच रिपोर्ट लंबित हो उसे दूसरी बार सेवा विस्तार दे देना वह भी दो वर्ष के लिए अपने आप में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की भाजपा सरकार के लिए भ्रष्टाचार कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसीलिए सरकार किसी ना किसी बहाने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति को लगातार टालती आ रही है।
धस्माना ने कहा कि सरकार को यह भी जनता को बताना चाहिए कि अनिल यादव ने अपने एमडी के कार्यकाल में ऐसा कौन सा उपलब्धि वाला या जनता को राहत देने वाला कम किया है जो।उनको बार बार सेवा विस्तार का इमाम दिया जा रहा है इसलिए कांग्रेस मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे दो सवाल पूछना चाहती है पहला कि राज्य में लोकायुक्त कब नियुक्त होगा और दूसरा अनिल यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच सार्वजनिक कब होगी और बिना उस जांच के बिना नतीजे के अनिल यादव को दो साल का सेवा विस्तार किस आधार पर दिया गया।
राज्य सचिवालय में ऊर्जा सचिव से बेरोजगार संघ के अध्यक्ष के साथ विवाद में कांग्रेस के स्टैंड पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी पक्ष दोषी हो उसके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए किंतु कांग्रेस किसी के विरुद्ध भी एक तरफा कार्यवाही के पक्ष में नहीं है। दोनों पक्षों की शिकायत की जांच होनी चाहिए और तत्पश्चात कार्यवाही हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात मर्यादा में रहते हुए कहने का अधिकार है।
गौरतलब है कि सचिव के वरिष्ठ निजी सचिव की ओर से बॉबी पँवार के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सचिव की ओर से टेंडर को लेकर दबाव की बात कही गयी है। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद बॉबी पँवार ने वीडियो जारी कर आरोपों को बेबुनियाद और यूपीसीएल के एमड के सेवा विस्तार मामले मे जानकारी लेने की बात कही गयी।
मामले मे आइएएस संगठन ने भी मुख्य सचिव से मुलाकात कर कार्यवाही की मांग की है। वहीं सचिवालय संघ भी आधे दिन के कार्य बहिष्कार पर है।

