कोटद्वार मे बच्ची को गुलदार के जबड़े से खींच लायी माँ
देहरादून/ पौड़ी। पौड़ी जिला मुख्यालय से सटे खाड्यूसैंण मे मंगलवार शाम को पांच वर्षीय मासूम आरुषि पुत्री कृष्ण कुमार को निवाला बना दिया। मासूम उस समय घर लौट रही थी। बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में शोक के साथ भारी आक्रोश है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग और शासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने कहा कि पौड़ी जनपद में गुलदार के हमलों की लगातार घटनाएं हो रही हैं। कई परिवार इन घटनाओं से प्रभावित हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वन मंत्री ने अब तक पौड़ी पहुंचकर हालात का जायजा तक नहीं लिया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर पहाड़ के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा और वे कब तक जंगली जानवरों के खौफ में जीने को मजबूर रहेंगे।
मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि केवल घटना के बाद आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और वन्यजीवों के आतंक पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।
इधर, डीएफओ गढ़वाल ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र भेज दिया गया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है।
गुलदार के जबड़े से बच्ची को खींच लायी माँ
एक अन्य घटना कोटद्वार कोटद्वार के स्नेह क्षेत्र में घटित हुई जहाँ माँ ने साहस दिखाते हुए बच्ची को गुलदार के जबड़े से खींच किया।
संतोष रावत की आठ वर्षीय पुत्री सान्वी अपनी मां नीलम के साथ घर के आंगन की लाइट जलाने आई। इसी बीच आंगन के कोने में दुबके गुलदार ने सान्वी पर हमला कर दिया। गुलदार सान्वी को जबड़े में दबोच खेत की तरफ भागा। नीलम भी शोर मचाते हुए गुलदार के पीछे भागी। करीब 100 मी. दूर जाकर गुलदार रुक गया और नीलम ने बगैर कुछ सोचे सान्वी को अपनी तरफ खींच लिया। इस बीच आसपास के ग्रामीणों सहित घर के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए।
मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल बच्ची को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया है। बच्ची की गर्दन पर गुलदार के पंजों के गहरे जख्म हैं।