क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने और प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में होगी वृद्धि - News Debate

क्षेत्र पंचायत निधि पुनः प्रारंभ करने और प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में होगी वृद्धि 

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन में किया प्रतिभाग, क्षेत्र पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उत्तराखण्ड प्रमुख संगठन सम्मेलन मे मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि क्षेत्र पंचायत निधि को पुनः प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाएगी। क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए कार्यवाही की जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को भी सम्मिलित किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्रों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत से भी विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं। वे स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की समस्याएं, सुझाव और मांगें सरकार के संज्ञान में हैं। संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर इनके समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखण्ड का लक्ष्य गांवों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाकर ही प्राप्त किया जा सकता है। राज्य सरकार सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली धनराशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ होना चाहिए। विकास कार्य निर्धारित समय पर पूरे हों तथा उनकी गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए सेवा, सुशासन और विकास की भावना से कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग और सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी तथा उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य प्राप्त होगा।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखण्ड राजीव कण्डारी, महासचिव  गणेश चन्दोला, श्रीमती ज्योति ग्रोवर, संरक्षक हरीश बिष्ट, एवं अन्य ब्लॉक प्रमुखगण उपस्थित थे।

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