पति गगिरधारी साहू के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, पुलिस जांच शुरू
देहरादून। धामी सरकार मे महिला एव्ं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य पति के उत्पीड़न से दुखी है। वीरवार देर शाम उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर धोखे से विवाह करने, दूसरी महिलाओं से अवैध संबंध रखने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। रेखा आर्या की शिकायत के आधार पर पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ थाना कैंट में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
रेखा आर्या ने थाना कैंट में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। रेखा आर्या का आरोप है कि गिरधारी लाल ने विवाह के समय अपनी पहली शादी की बात छिपाई थी। कुछ साल बाद उसे पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित था और उसके बच्चे भी हैं।
तहरीर मे उन्होंने कहा कि पति के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिलने पर विरोध किया। शुरुआत में आरोपी गिरधारी लाल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित और मौखिक रूप से माफी मांगी, लेकिन इसके बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाने लगी।उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
आर्या ने आरोप लगाया कि उनके पति गिरधारी लाल ने सरकारी आवास में स्टाफ के सामने उसके लिए जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटवाने का प्रयास किया गया. जबकि, रेखा आर्या का कहना है कि उसने न तो ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और न ही कोई त्यागपत्र दिया।
मंत्री रेखा आर्या ने पुलिस को एक ऑडियो मिलने की जानकारी भी दी है। आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उनकी (रेखा आर्या) की हत्या की साजिश रचने की बात कर रहा है। अब रेखा आर्या ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वीडियो साझा करते हुए रेखा आर्या फूट-फूट कर रोतीं हुईं भी नजर आ रही है। जिसमें तबीयत खराब होने की बात भी कह रही है। रेखा आर्य एक निजीनिजी अस्पताल मे भर्ती है।
कांग्रेस ने की निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि उत्तराखंड की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य का वीडियो सामने आना बेहद गंभीर विषय है। यदि प्रदेश की एक मंत्री स्वयं अपने पति से जान का खतरा होने की बात कह रही हैं और ऑडियो जारी कर रही हैं, और उसके खिलाफ तहरीर दे रही है तो यह निश्चित ही सरकार के लिए शर्मसार जैसा है।
मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो, ऑडियो की फॉरेंसिक जांच हो और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई हो। महिला सुरक्षा कोई राजनीतिक नारा नहीं, सरकार की जिम्मेदारी है। कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
