रुड़की। खानपुर क्षेत्र में मंदिरों की दानपेटियां चोरी करने के आरोपित को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम को संदिग्ध टेंपो चालक ने टेंपो से कुचलने का प्रयास किया।पुलिस के पीछा करने पर आरोपित धर्मपुर मार्ग पर टेंपो छोड़कर गन्ने के खेत में जा छिपा और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपित के पैर में गोली लगी। घायल आरोपित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, एक अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे खानपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध जटाशंकर महादेव मंदिर और दुर्गा माता मंदिर में चोरी हुई थी। चोर दोनों मंदिरों की दानपेटियां चोरी कर फरार हो गया था। पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश के साथ ही क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग तेज कर दी थी।इसी क्रम में गोवर्धनपुर चौकी क्षेत्र के शाहीपुर तिराहे पर पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सिकंदरपुर की ओर से एक संदिग्ध टेंपो आता दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक ने टेंपो रोकने के बजाय पुलिसकर्मियों को रौंदने का प्रयास किया और तेज गति से खानपुर की ओर भाग निकला।पुलिस टीम ने पीछा किया तो धर्मपुर मार्ग पर श्मशान घाट के पास आरोपित टेंपो छोड़कर पास के गन्ने के खेत में घुस गया। पुलिस के अनुसार, खेत में छिपे आरोपित ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपित के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घायल आरोपी को तत्काल एंबुलेंस से सीएचसी लक्सर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे उप जिला चिकित्सालय रुड़की रेफर कर दिया।
अस्पताल में उपचार के दौरान आरोपित ने अपना नाम आरिफ पुत्र खलील, निवासी टोड़ा जलालपुर, कोतवाली सिविल लाइंस रुड़की बताया।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और प्रारंभिक जांच में आरिफ की पहचान मंदिरों में हुई चोरी के आरोपित के रूप में हुई है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मंदिर चोरी और अन्य वारदातों में उसके साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।