सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन है शिखर पर टिके रहना: पांडेय

 31 स्कूलों के टॉपर्स बच्चों को किया सम्मानित

देहरादून। आईसीएसई एवं सीबीएसई स्कूल के टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है।

आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरी एवं डीआईटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठें टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने टॉपर्स बच्चों की सफलता पर अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे की सफलता के पीछे अध्यापक के साथ-साथ अभिभावकों का भी बहुत योगदान होता है। टॉपर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि अभी तो जीवन शुरू हुआ है, आपको कई लक्ष्यों पर विजय प्राप्त करनी है। उन्होंने कहा कि सफलताएं प्राप्त करने से भी अधिक उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है। उन्होंने कहा कि भले आपने क्लास या स्कूल टॉप किया हो लेकिन जीवन में अपने दोस्तों का साथ कभी नहीं छोड़ना भले ही आपका दोस्त फेल ही क्यों ना हो गया हो। दोस्त स्कूली जीवन में ही बनते है। आज ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो जीवन में एकाकी हैं, उनका कोई दोस्त नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के इस युग में जिसके पास मौलिकता होगी, वही आगे बढ़ेगा। टेक्नोलॉजी का उपयोग करें लेकिन लाइफ लॉन्ग लर्निंग पर हमेशा फोकस करके रखें।

डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी रघुराम ने टॉपर्स स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज आप 21वीं सदी की संताने हैं। आज शिक्षा प्राप्त करने के बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। आपने कहां से पढ़ा ये अब मायने नहीं रखता, आपने क्या पढ़ा, कितना पढ़ा और किस गहराई के साथ नॉलेज प्राप्त की यह महत्व रखता है।

आईआईपी के निदेशक डॉ हरेंद्र सिंह बिष्ट ने एक कविता के माध्यम से संदेश दिया कि देश के प्रधानमंत्री ने एक विजन दिया है कि 2047 तक भारत विकसित देश होगा। उन्होंने कहा कि आज इस हाल में उपस्थित टापर्स ही इस देश के कर्णधार है, आप ही आगे चलकर भारत को विकसित देश बनाएंगे।

टॉपर्स कॉन्क्लेव में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के 306 बच्चों को गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल और ब्रॉन्ज मेडल तथा अवार्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 31 स्कूलों को बेस्ट स्कूल के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो- (डॉ-) दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून से पढ़ने वाले वाले बच्चे का सौभाग्य है कि देहरादून में 30 से अधिक देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान है। अगले वर्ष तक देश की पांचवी साइंस सिटी भी देहरादून में शीघ्र बनकर तैयार होने वाली है। आपको ऐसे सभी संस्थाओं को घूमना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते आज राष्ट्र निर्माण के लिए आप जैसे उत्कृष्ट छात्रों की देश को जरूरत है।

31 स्कूलों को मिला बेस्ट स्कूल का अवॉर्ड
1. वाइनबर्ग एलन स्कूल, 2. एन मैरी स्कूल, 3. ब्राइटलैंड्स स्कूल, 4. कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी, 5. सेंट जोसेफ्स एकेडमी, 6. कैम्ब्रियन हॉल, 7. द टोंस ब्रिज स्कूल, 8. दून इंटरनेशनल स्कूल, 9. श्री राम सेंटेनियल स्कूल, 10. इकोल ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल, 11. कासिगा स्कूल, 12. द एशियन स्कूल, 13. शिक्षणकुर द ग्लोबल स्कूल, 14. बिड़ला ओपन माइंड, 15. कारमैन रेजिडेंशियल एंड डे स्कूल, 16. द दून वैली इंटरनेशनल स्कूल, 17. सनराइज एकेडमी, 18. द पेस्टल वीड स्कूल, 19. सेंट कबीर एकेडमी, 20. चिल्ड्रन्स एकेडमी, 21. वंटेज हॉल गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल, 22. दून डिफेंस एकेडमी, 23. एस.एन. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, 24. एसजीआरआर एजुकेशन मिशन, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल्स देहरादून-, 25. ब्रिस्टल पब्लिक स्कूल, 26. द सेपिएंस स्कूल विकास नगर, 27. द सेपिएंस स्कूल, हर्बर्टपुर, 28. दून सैनिक स्कूल, 29. द इंडियन पब्लिक स्कूल, 30. हिम ज्योति स्कूल, 31. द मोंटेसरी स्कूल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *