नीट परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस ने की बीजेपी की घेरेबंदी, एनटीए पर भी उठाये सवाल – News Debate

नीट परीक्षा रद्द होने पर कांग्रेस ने की बीजेपी की घेरेबंदी, एनटीए पर भी उठाये सवाल

देहरादून। कांग्रेस ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले मे भाजपा की घेरेबंदी करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकार में डालने का काम कर रही है। पहले तो ये समझना होगा की एनटीए क्या है ये कोई सरकारी एजेंसी नहीं है ये सिर्फ एक एनजीओ है सरकार के द्वारा बनायी गई टेस्टिंग एजेंसी नहीं है। यह 2017 में मोदी सरकार ने बनायी थी बड़ी बड़ी बातें की थी, लेकिन परिणाम बार पेपर लीक के रूप मे सामने आया। 2014 के बाद से केंद्र और राज्य सरकारों में लगभग 89 पेपर्स लीक हुए हैं,जिसमे से लगभग 48 पेपर दुबारा से करवाए गए।

राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा की महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि  यह एनटीए किसने बनायी? उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीए भाजपा और आरएसएस के कुछ लोगों ने मिलकर बनायी और अपने चहेते लोगों को उसमे रख लिया। जब यह एजेंसी 2017 में बनी तभी इस पर कई सवाल खड़े हुए थे। 2017 से पहले ये एग्जाम सीबीएसई कराया करती थी। 2014 से 2017 तक अपने लोगों को बैंक डोर इंट्री के लिए यह खेल शुरू किया गया। 2017 मे एसएससी का पहल पेपर लीक हुआ। ठंड में एसएससी के बाहर बच्चे बैठे थे, फिर एनटीए बनी और इसने 14 पेपर कंडक्ट कराए जिसमे 6 पेपर लीक हुए जो सामने आये।

उन्होंने कहा कि यह समझने वाली बात है कि आखिर एनटीए को किसने इतनी पावर दी। बड़ी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करने की क्या इन्हें एमएचआरडी ने पॉवर दी केंद्र की सरकार ने पॉवर दी किसने पॉवर दी आज तक देश को पता नहीं है। 2021 में नीट का पेपर आउट हुआ तो 24 व 26 में आउट होने मे जो लोग सम्मिलित है वो मुख्यतः भाजपा के नेता है। जिनका पूरा परिवार पिछले साल सेलेक्ट हुआ है तो तथ्य ये सामने आ रहा है की पिछले साल भी पेपर लीक हुआ है। नीट जैसा एग्जाम जिसमे 25 से 30 लाख बच्चे परीक्षा देते हैं माता पिता पैसे लगाते हैं, इस बार भी ये पेपर पिछले 15 दिनों से वॉट्स ऐप ग्रुप पर सर्कुलेट हो रहा था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि  नीट परीक्षा को रद्द करते हुए पेपर लीक मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी मे कराई जाय। मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दें तथा मामले में जेपीसी गठित की जाय साथ ही 2024  की  नीट परीक्षा की भी जांच कराई जाय।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी आदि उपस्थित थे

 

 

 

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