निजीकरण और श्रमिक अधिकारों पर केंद्र सरकार के खिलाफ रक्षा कर्मचारियों की हुंकार – News Debate

निजीकरण और श्रमिक अधिकारों पर केंद्र सरकार के खिलाफ रक्षा कर्मचारियों की हुंकार

देहरादून। अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) के 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन का गुरुवार को देहरादून में भव्य शुभारंभ हुआ। सम्मेलन के पहले ही दिन देशभर से पहुंचे हजारों रक्षा असैनिक कर्मचारियों और श्रमिक नेताओं के उत्साह ने आयोजन स्थल को जोशीले नारों और श्रमिक एकता के संदेशों से गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विशाल जुलूस और झंडारोहण के साथ हुई। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.एन. पाठक और महासचिव सी. श्रीकुमार हजारों कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस के रूप में आयोजन स्थल पहुंचे। इसके बाद शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि दी गई तथा श्रमिक एकता के नारों के बीच सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

सम्मेलन में देश की तीन प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। एटक की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर, एचएमएस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू तथा सीटू के महासचिव सबा करीम ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की निजीकरण, निगमीकरण और श्रमिक विरोधी नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों के ट्रेड यूनियन अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिनके खिलाफ संगठित संघर्ष की आवश्यकता है।

सम्मेलन में आयुध निर्माणियों के कॉरपोरेटाइजेशन, आउटसोर्सिंग, संविदा व्यवस्था, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आठवें वेतन आयोग, श्रमिक विरोधी लेबर कोड्स तथा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम मूल वेतन ₹69 हजार निर्धारित करने और फिटमेंट फैक्टर 3.833 लागू करने की मांग को भी दोहराया।

दीप प्रज्वलन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सम्मेलन को विशेष रंग प्रदान किया। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक लोकनृत्य और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने देशभर से आए प्रतिनिधियों को आकर्षित किया और देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया।

तीन दिवसीय यह सम्मेलन आगामी दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें रक्षा असैनिक कर्मचारियों के भविष्य के आंदोलन, संगठनात्मक रणनीति और संघर्ष कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के समापन पर “देहरादून घोषणा” जारी किए जाने की संभावना है।

कार्यक्रम में देहरादून के विभिन्न रक्षा संस्थानों से संबद्ध यूनियनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। इनमें विनय मित्तल, नंदन सिंह बिष्ट, आशीष भंडारी, पदम सिंह, धीरेंद्र रावत, नरेश पंत तथा जगदीश कुकरेती ‘जग्गी’ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *