देहरादून। बिगड़ती कानून व्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को निशाने पर ले रही कांग्रेस ने आज परेड ग्राउंड से रैली निकालकर राज भवन कूच किया। पुलिस ने सेकडों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
राजभवन कूच से पहले कांग्रेस नेताओं ने परेड ग्राउंड में सभा की और सरकार के खिलाफ बढ़ते अपराधों, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और जंगली जानवरों के आतंक जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर अपना आक्रोश जाहिर किया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने कहा कि राज्य की सरकार ने पुलिस के बल पर जन भावनाओं को दबाने का काम किया है। आज परिवर्तन का जन सैलाब सड़कों पर उतरा है. कांग्रेस जन आज हजारों की संख्या में गावों के दूर दराज के क्षेत्रों से निकाल कर देहरादून की सड़कों पर आए हैं और भाजपा के कुशासन से आजिज आ चुके हैं।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि, भाजपा सरकार के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए आज एक जन सैलाब देहरादून की सड़कों पर उतर आया है। राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार ने जनादेश का अपमान किया है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में जंगल राज कायम है। चारों तरफ बढ़ते अपराधों से भय का वातावरण व्याप्त है। प्रदेश में रोजगार खत्म हो गए हैं और नौजवानों के हाथों में काम नहीं है। पलायन बदस्तूर जारी है। दूसरी तरफ पहाड़ों में विद्यालयों को बंद किया जा रहा है. अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हो रखी है.
देहरादून जिले में 15 दिन के भीतर पांच हत्याएं हो गई. आज पूरा उत्तराखंड अपराधियों के हौसलों से भयभीत है. पहाड़ों के निवासी जंगली जानवरों से डर के साए में अपना जीवन यापन कर रहे हैं. इसलिए कांग्रेस पार्टी ने यह कार्यक्रम, अमन चैन कायम रखने, प्रदेश के अंदर शांति व्यवस्था, नौजवानों को रोजगार मिलने, पेपर लीक ना होने, नकल, भू और शराब माफियाओं से प्रदेश को मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से रखा है।
पूर्व अध्यक्ष करन माहरा तथा पूर्व सीएम हरीश रावत सहित कांग्रेसियों ने सरकार पर असफल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता ने अब भाजपा को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी नोकझोक भी हुई। बाद मे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस लाइन ले आयी।
भाड़े की भीड़ और मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नारे से दिखी कांग्रेसी रैली की हकीकत: भट्ट
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस की रैली को भाड़े और मुस्लिम यूनिवर्सिटी समर्थको का जमावड़ा बताते हुए फ्लॉप शो करार दिया है।
भट्ट ने कहा कि कांग्रेसी रैली पूर्व मे घोषित मुद्दों से अलग ही नजर आयी। रैली मे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के नारों की गूंज सुनाई दी। उन्होंने कहा कि एक और कांग्रेस लगातार डेमोग्राफी चेंज और धौलास सहित प्रदेश भर मे अवैध अतिक्रमण को लेकर हमलावर है तो वहीं रैली मे इसकी स्पष्ट झलक दिखायी दी। उन्होंने प्रदर्शन को झूठ और भ्रम फैलाने की एक और असफल कोशिश बताया है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रदर्शन में जनता की अनुपस्थिति बताती है कि राज्य विकास मार्ग पर बहुत आगे बढ़ गया है और कांग्रेस खुद अभी भ्रम में है। हम आने वाले साल को विकास की रफ्तार बढ़ाने का अवसर मान रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं के लिए यह समय राजनैतिक प्रपंचों का है। आज की रैली में मुस्लिम यूनिवर्सिटी और मदरसा बोर्ड वापिसी की मांग वाले बैनरों से उनका दोहरा चेहरा भी स्पष्ट नजर आया है।
भट्ट ने कहा कि विगत 4 वर्षों में हमारी सरकार ने विकास और जनकल्याण के अनगिनत कार्य किए हैं। भाजपा जनता से किए सभी वादों पर खरा उतरी हैं और शेष समय में भी उम्मीद से बढ़कर काम करने जा रही हैं। जनता आज राज्य के चौमुखी विकास को अपने आस पास अनुभव कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों के आंकड़े उसकी तस्दीक करते हैं। संस्कृति और विरासत को संजोते हुए, प्रदेश के देवभूमि स्वरूप बरकरार रखने की हमारी कोशिश जनकल्याणकारी सरकार को चरितार्थ कर रही है।
उन्होंने पलटवार कर कहा कि कांग्रेस को दिक्कत इस बात से है कि राज्य निर्माण से चले आ रही समस्याओं का हमारी सरकार ने निवारण कैसे किया है। कांग्रेसी सरकारों ने भ्रष्टाचार की बेल पनपाई हमने उसे पूरी तरह सुखाया है। नियुक्ति प्रक्रिया नकल माफियाओं के हाथों में दी, उनको समाप्त कर, हमने रिकॉर्ड युवाओं को रोजगार दिया। प्रदेश की डेमोग्राफी बिगाड़ने की साजिश पर लगाम लगाई और लंबे समय से लंबित मातृशक्ति और राज्य आंदोलनकारी आरक्षण को अंजाम तक पहुंचाया। यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी आज प्रदेश में पूरी तरह मुद्दाविहीन और विचारहीन हो गई है।
कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए जनता ने मन बना लिया है। भट्ट ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी मे महज 5 हजार लोग ही एकत्रित कर पाए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह पावो जैसे स्थल पर 3 हजार लोग एकत्रित कर गए यह दिखाने को पर्याप्त है कि जनता किधर है।
