देहरादून। बाजपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने शुक्रवार को डीजीपी दीपम सेठ से मुलाकात कर अपने परिजनों पर दर्ज धोखाधड़ी (धारा 420) के मुकदमे के संबंध में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के सामने मामले में शामिल सभी पक्षों के वैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग की।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को बाजपुर थाने में दर्ज एक जमीन धोखाधड़ी के मामले मे विधायक अरविंद पांडे के सगे संबंधी, जिनमें उनके जीजा, बड़े भाई और चाचा के बेटे शामिल हैं, नामजद किए गए हैं। परिजनों पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद विधायक ने खुद पहल करते हुए डीजीपी से मुलाकात कर मामले की तह तक जाने का आग्रह किया।
अरविंद पांडे ने कहा कि वह यह पैरवी करने नहीं आए हैं कि उनके परिजनों पर दर्ज मुकदमा झूठा या काल्पनिक है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि सत्य सबके सामने आए। इसके लिए मैंने डीजीपी से मांग की है कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज है और जिन्होंने मुकदमा दर्ज कराया है, उन दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर, पॉलीग्राफ, माइंड मैपिंग और नार्को टेस्ट कराया जाए।
उन्होंने कहा कि वह ला सत्ता पक्ष का विधायक हैं। यदि सत्ता पक्ष के विधायक या उसके परिवार के ऊपर आरोप लगे तो स्वयं ही जांच के लिए आगे आना चाहिए और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए।
जिससे स्पष्ट हो कि कौन गलत है और कौन सही। जो भी गलत सिद्ध हो, उसे सजा मिले और जो सही है, वह दोष मुक्त हो।